
Janjgir Champa में भूमि अधिग्रहण मुआवजे की 24 लाख की बड़ी धोखाधड़ी
फर्जी आधार कार्ड बनाकर राशि का गबन, तीन साल फरार 5 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भूमि अधिग्रहण मुआवजे से जुड़ी 24 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। अकलतरा थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन वर्षों से फरार चल रहे पांच आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले से जुड़े फर्जी आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य अहम सबूत भी जब्त किए हैं।
शिकायत से हुआ मामले का खुलासा
ग्राम तरौद निवासी योगेंद्र सिंह चंदेल ने 8 अप्रैल 2023 को अकलतरा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के.एस.के. वर्धा पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके एवज में 24 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित हुआ था। यह राशि उस समय बिलासपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन थी।

फर्जी दस्तावेजों से रची गई साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने योगेंद्र सिंह चंदेल और उनके भाई के नाम पर फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जांजगीर स्थित डीसीबी बैंक में खाता खुलवाया गया और पूरी मुआवजा राशि निकाल ली गई।
आधार कार्ड में नाम बदलने के लिए फर्जी हलफनामों का भी सहारा लिया गया, जिससे बैंक और अन्य संस्थानों को गुमराह किया जा सके।
आरोपियों के नाम और आपसी साठगांठ
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरी धोखाधड़ी की साजिश दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर के साथ मिलकर रची गई थी। मुख्य आरोपियों में शंकर लाल भारद्वाज (दीपक दिवाकर के ससुर), परमेश्वर पटले और विश्राम भारद्वाज शामिल हैं। कुल पांच आरोपियों ने मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया और तीन साल तक फरार रहे।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान दस्तावेज की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 34 (साझा इरादा) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



