
Jammu Kashmir: प्रशासन की लापरवाही से मंदिर पर मलबे का खतरा, स्थानीय लोग नाराज
जम्मू-कश्मीर में एक और बड़ी घटना: मंदिर पर मलबे का संकट
26 अगस्त 2025 को जम्मू-कश्मीर के एक क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्राचीन मंदिर पर मलबे का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हाल ही में भारी बारिश के बाद पहाड़ी ढांचे से मलबा मंदिर की ओर बढ़ गया, जिससे न केवल मंदिर की संरचना को नुकसान पहुंचा है, बल्कि आसपास के लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

घटना का विवरण: कैसे बनी यह खतरनाक स्थिति?
पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस बारिश के कारण मंदिर के पास स्थित एक ऊंची पहाड़ी से मिट्टी और पत्थरों का मलबा नीचे की ओर फिसल गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर के आसपास का क्षेत्र पहले से ही कमजोर हो चुका था, क्योंकि प्रशासन ने इसकी मरम्मत और संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए थे। मंदिर के पास बनी सड़क और जल निकासी की व्यवस्था भी अपर्याप्त होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
स्थानीय लोगों का गुस्सा: प्रशासन पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने इस घटना के लिए जम्मू स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम कर रही प्रशासनिक टीम को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में बारिश और भूस्खलन की आशंका को ध्यान में रखते हुए पहले से ही सावधानी बरती जानी चाहिए थी। एक स्थानीय निवासी, रमेश शर्मा ने बताया, “हमने कई बार प्रशासन को इस खतरे के बारे में सूचित किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब मंदिर और हमारे घरों को नुकसान पहुंच रहा है, तभी जागरूकता दिखाई जा रही है।” कई लोगों का मानना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर केवल कागजी काम हुआ है, जबकि जमीन पर कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया।

मंदिर की स्थिति: धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
यह मंदिर, जो कि क्षेत्र के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, पिछले कई दशकों से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मलबे के कारण मंदिर की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और मुख्य मूर्ति को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत और सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो यह मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त हो सकता है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक बड़ी क्षति होगी।
प्रशासन का रुख: क्या होगी कार्रवाई?
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर एक टीम भेजी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल दिखावा है। अधिकारियों का दावा है कि वे मलबे को हटाने और मंदिर की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे। हालांकि, लोगों में अभी भी असंतोष है, क्योंकि पिछले अनुभवों ss आधार पर वे प्रशासन के वादों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना और बेहतर जल निकासी प्रणाली की आवश्यकता
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