
जमीन के फर्जीवाड़े में 10 लाख गंवाए, Retirement के बाद उजड़ा होश
जगदलपुर: रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे का सहारा बनने वाली जमीन की पूंजी ठगो के निशाने पर आ गई है। बस्तर थाना के ग्राम भीरलिंगा थाना कर्मचारी से जमीन दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
दिनांक 20 अगस्त 2025 को जगदलपुर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित हरेंद्र सिंह, जो लालबाग निवासी 64 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी हैं, ने बताया कि जमीन की तलाश में वे पिछले कई महीनों से परेशान थे। उनकी मुलाकात बोरपदर निवासी बैधनाथ ,ठाकुर जो उन्हें जमीन बेचने का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी करने लगा। ठाकुर ने उन्हें यह वादा किया कि वह उनके लिए उचित कीमत पर जमीन की खरीद-फरोख्त में मदद करेगा।

ठगी की साजिश और घटना का खुलासा
हरेंद्र सिंह ने बताया कि बैधनाथ ठाकुर उन्हेंभीरलिंगामें एक बेहतरीन जमीन दिखाई और दावा किया कि यह जमीन उनके नाम पर रजिस्टर्ड हो जाएगी। इसके लिए ठाकुर ने 10 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 7 लाख रुपये ऑनलाइन और 3 लाख रुपये नकद दिए गए। लेकिन जैसे ही पैसे दिए गए, ठाकुर गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह जमीन पहले से किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड थी और ठाकुर ने नकली दस्तावेजों के जरिए इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच
जगदलपुर पुलिस ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया और ठगी के आरोप में बैधनाथ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, खासकर रिटायर लोगों को निशाना बनाकर। पुलिस अब ठाकुर की तलाश में जुटी है और इस घटना की गहन जांच पड़ताल कर रही है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन की खरीद-फरोख्त से पहले सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर लें।
रिटायरमेंट के बाद बढ़ती समस्याएं
रिटायरमेंट के बाद कई लोग अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित निवेश के लिए जमीन खरीदने में लगाते हैं। लेकिन ठग इस कमजोरी का फायदा उठाकर उनकी मेहनत की कमाई को लूट लेते हैं। हरेंद्र सिंह का यह मामला एक उदाहरण है कि कैसे रिटायर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वे इस तरह के अपराधों पर नजर रखे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अजनबी या बिचौलिए के जरिए जमीन की खरीदारी से पहले स्थानीय प्रशासन या रजिस्ट्री कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही, ऑनलाइन लेन-देन करते समय सावधानी बरतें और सभी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल अवश्य कराएं। इस घटना से सबक लेते हुए हरेंद्र सिंह ने भी अब पुलिस से मदद मांगी है और अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
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