
जयपुर: नेक्सा एवरग्रीन फ्रॉड केस में ED की बड़ी कार्रवाई, 2700 करोड़ की ठगी का खुलासा
जयपुर, 12 जून 2025
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजस्थान और गुजरात में नेक्सा एवरग्रीन कंपनी के खिलाफ 2700 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह से ईडी की टीमें राजस्थान के सीकर, जयपुर, जोधपुर, झुंझुनूं और गुजरात के अहमदाबाद सहित करीब 24 ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
नेक्सा एवरग्रीन कंपनी पर आरोप है कि उसने गुजरात के धोलेरा सिटी में प्लॉट और उच्च रिटर्न का लालच देकर लगभग 70,000 निवेशकों से 2700 करोड़ रुपये की ठगी की। राजस्थान पुलिस की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या है नेक्सा एवरग्रीन घोटाला
नेक्सा एवरग्रीन कंपनी, जिसका रजिस्ट्रेशन अहमदाबाद में 17 अप्रैल 2021 को हुआ था, रियल एस्टेट गतिविधियों के लिए स्थापित की गई थी। कंपनी के मालिक सीकर के पनलाव निवासी सुभाष बिजारणियां और रणवीर बिजारणियां हैं। आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों को धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर झांसा दिया। कंपनी ने एक मोबाइल ऐप के जरिए निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है, लेकिन बाद में मालिक फरार हो गए

पुलिसकर्मियों को भी बनाया शिकार
जांच में खुलासा हुआ कि रणवीर बिजारणियां की पत्नी लक्ष्मी, जो सीकर एसपी ऑफिस में कॉन्स्टेबल थी, ने अपने पुलिसकर्मी साथियों को भरोसे में लेकर करोड़ों रुपये का निवेश करवाया। लक्ष्मी ने पुलिस का आईडी कार्ड दिखाकर लोगों का विश्वास जीता और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में राजस्थान पुलिस ने सीकर, जयपुर, झुंझुनूं और जोधपुर में 103 से अधिक FIR दर्ज की हैं। मार्च 2023 में सीकर पुलिस ने अमरचंद ढाका, रणवीर बिजारणियां, सुभाष बिजारणियां और उपेंद्र सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, अलवर CGST और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने मार्च 2024 में नेक्सा एवरग्रीन से जुड़ी 48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी
निवेशकों का आक्रोश
इस घोटाले के पीड़ितों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं। दिसंबर 2023 में, नौ पीड़ितों ने जयपुर के सहकार मार्ग पर वाटर टैंक पर चढ़कर प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अपने पैसे की वापसी की मांग की थी। नवंबर 2024 में, सीकर में पीड़ितों ने आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया था)
ED की ताजा कार्रवाई
ईडी की मौजूदा छापेमारी में दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के कई ठिकानों पर जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने निवेशकों के पैसे को विदेशी निवेश और रियल एस्टेट में डायवर्ट किया था। ठगों ने 1300 बीघा जमीन अपने ड्राइवरों और नौकरों के नाम पर ट्रांसफर कर दी थी ताकि संपत्ति को जब्त होने से बचाया जा सके)
ईडी की इस कार्रवाई से पीड़ित निवेशकों में न्याय की उम्मीद जगी है। जांच एजेंसी ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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