
जहरीली कफ सिरप मामले में औषधि प्रशासन की सख्त कार्रवाई: Mahasamund में 18 मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी
महासमुंद, छत्तीसगढ़
महासमुंद जिले में औषधि प्रशासन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जहरीली कफ सिरप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विभाग की टीम ने जिले भर में फैले 18 मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की, जहां प्रतिबंधित फॉर्मूले वाली दवाओं की बिक्री की सघन जांच की गई। इस अभियान के दौरान चार संदिग्ध दवा सैंपल कलेक्ट किए गए, जिन्हें रायपुर स्थित औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी स्टोर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान में हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां जहरीली कफ सिरप के सेवन से 20 से अधिक मासूम बच्चों की जान चली गई। इन हादसों ने पूरे देश में दवा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पृष्ठभूमि: मध्यप्रदेश और राजस्थान में जहरीली कफ सिरप का कहर
मध्यप्रदेश और राजस्थान में हाल के महीनों में कफ सिरप से जुड़ी घटनाओं ने अभिभावकों को हिलाकर रख दिया। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में ही 14 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि राजस्थान में भी कई मामले सामने आए हैं। कुल मिलाकर, इन दोनों राज्यों में कम से कम 17 बच्चों की मौत ‘कोल्ड्रिफ’ नामक कफ सिरप से जुड़ी बताई जा रही है।63babc इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीला रसायन पाया गया, जो एक औद्योगिक सॉल्वेंट है और इसका सेवन किडनी फेलियर का कारण बन सकता है।ca0590 यह रसायन प्रोपाइलीन ग्लाइकॉल से मिलता-जुलता दिखता है, लेकिन घातक होता है।

इन घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित बैचों पर प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी कफ सिरप देने पर पूर्ण रोक लगा दी गई।c844e0 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी भारत में दवा विनियमन की खामियों पर चिंता जताई है, क्योंकि यह समस्या वैश्विक स्तर पर कई बार सामने आ चुकी है।319792 मध्यप्रदेश में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, और एक डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
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