
Jagdalpur स्वदेशी मेला: देशभर के स्वाद और कला का अनोखा संगम
जगदलपुर, 1 अक्टूबर 2025। बस्तर की धरती एक बार फिर रंग-बिरंगे उत्सव से सराबोर होने जा रही है। जगदलपुर स्वदेशी मेला का आगाज़ हो चुका है, जहां देशभर की कला, संस्कृति और स्वाद का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। यह मेला न सिर्फ खरीदारी और स्वादिष्ट व्यंजनों का अवसर देगा बल्कि भारत की विविधता में एकता की झलक भी प्रस्तुत करेगा।

स्वदेशी उत्पादों की धूम
मेले में देशभर से आए हुए कारीगर और शिल्पकार अपने-अपने राज्य के हस्तशिल्प, हैंडलूम, घरेलू उत्पाद और स्वदेशी सामान प्रदर्शित कर रहे हैं। यहां लकड़ी की नक्काशी, बांस और लोहे के शिल्प, खादी वस्त्र और बस्तर की खास धातु कला (बस्तर आर्ट) लोगों को आकर्षित कर रही है।
स्वाद का सफर
- यह मेला खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है।
- दिल्ली का चाट-पकौड़ी,
- बिहार की लिट्टी-चोखा,
- राजस्थान की दाल-बाटी,
- महाराष्ट्र का वड़ा-पाव,
- और बस्तर के पारंपरिक व्यंजन
यहां हर किसी के स्वाद को लुभा रहे हैं।

कला और संस्कृति का मंच
मेले में रोजाना शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां देशभर की लोककलाएं और नृत्य शैलियां प्रस्तुत की जा रही हैं। बस्तर का पारंपरिक ढोल-नृत्य, गोंडी नृत्य और दीवानगढ़ की राउत नाचा ने दर्शकों का मन मोह लिया।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
जगदलपुर स्वदेशी मेला न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और लघु उद्यमियों को अपनी कला और उत्पादों को राष्ट्रव्यापी मंच देने का भी काम करता है।
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