
Jagdalpur : घुटनों पर नक्सलवाद: केंद्रीय समिति सदस्य अभय का बड़ा ऐलान
जगदलपुर। नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्रीय कमेटी सदस्य और प्रवक्ता अभय उर्फ सोनू ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि नक्सली अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष रोकने और सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसके लिए एक माह का समय मांगा है ताकि मुख्यधारा में आने और जनता की समस्याओं को सुलझाने पर चर्चा हो सके।

प्रेस नोट में बड़ा खुलासा
प्रवक्ता अभय ने बताया कि 15 अगस्त 2025 को संगठन ने यह निर्णय लिया था, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रेस नोट अब जारी किया गया। अभय ने कहा कि मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह से ही संगठन सरकार के साथ ईमानदारी से संवाद की कोशिश कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया।
संघर्ष में भारी नुकसान
नक्सलियों ने स्वीकार किया कि हालिया मुठभेड़ों में उन्हें भारी क्षति उठानी पड़ी है। 21 मई 2025 को अबूझमाड़ के गुंडेकोट के पास हुए मुठभेड़ में महासचिव बसवाराजू समेत 28 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद केंद्रीय समिति ने हथियारबंद संघर्ष से हटने और शांति वार्ता का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
लगातार आत्मसमर्पण
बीते एक महीने में संगठन के तीन बड़े केंद्रीय कमेटी सदस्य आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें गरियाबंद का 1 करोड़ का इनामी बालकृष्णा उर्फ मनोज, झारखंड का सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश और तेलंगाना की इनामी सुजाता शामिल हैं। सुजाता दुर्दांत नक्सली किशनजी की पत्नी है।
वार्ता का प्रस्ताव
अभय का कहना है कि संगठन ने पहले ही सीजफायर का प्रस्ताव सरकार को दिया था और एक माह का समय मांगा था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की। इसके बजाय जनवरी 2024 से घेराबंदी और उन्मूलन अभियान और तेज कर दिए गए।

आगे की रणनीति
नक्सल संगठन ने साफ किया है कि अब वह जनता की समस्याओं को हथियार से नहीं, बल्कि जन-संघर्ष और संवाद के जरिए उठाएगा। संगठन ने सरकार से वार्ता प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाने की अपील की है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



