
Jabalpur के सिहोरा में Durga पंडाल पर भारी पड़ा नशेड़ी ड्राइवर का कहर
जबलपुर, 1 अक्टूबर 2025 नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरा देश मां दुर्गा की भक्ति में डूबा हुआ था, वहीं मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। मंगलवार रात करीब 10 बजे गौरी तिराहे के पास एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने दुर्गा पूजा पंडाल में घुस गई। पंडाल में भंडारे के दौरान प्रसाद ग्रहण कर रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच यह बस अचानक घुसते ही भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 15 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से 5 से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

नशे में धुत ड्राइवर ने ली सैकड़ों जिंदगियों पर रिस्क
घटना मंगलवार रात के करीब 10 बजे की है, जब कटनी से जबलपुर आ रही एक प्राइवेट यात्री बस (रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 49 पी 0261) सिहोरा शहर के गौरी तिराहे पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक प्रदीप मिश्रा शराब के नशे में धुत था और उसने नो एंट्री जोन में प्रवेश कर लिया था। तेज रफ्तार में चल रही बस पहले सड़क पर खड़ी दो मोटरसाइकिलों, एक कार और कुछ राहगीरों को टक्कर मार चुकी थी। इसके बाद वह बेकाबू होकर सीधे दुर्गा पंडाल के भंडारे में जा घुसी, जहां दुर्गा अष्टमी के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु इकट्ठा थे। बस के पंडाल में घुसते ही वहां मौजूद लोग चीखने-चिल्लाने लगे और भगदड़ मच गई। कई लोग बस के नीचे दब गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए पंडाल की बाड़िंग तोड़ दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने न केवल शराब पी रखी थी, बल्कि वह नो एंट्री नियमों का भी उल्लंघन कर रहा था। बस में सवार यात्री भी घायलों में शुमार हैं, लेकिन मुख्य रूप से पंडाल में मौजूद स्थानीय श्रद्धालु ही चपेट में आए। हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर को भीड़ ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई की, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। सिहोरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हादसे के बाद पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने बस पर पथराव किया और उसे आग के हवाले करने की कोशिश की। लोग चिल्ला रहे थे, “ऐसे नशेड़ी ड्राइवरों को सजा दो!” स्थिति बिगड़ते ही सिहोरा पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू में किया। प्रत्यक्षदर्शी रामकृष्ण पांडे ने बताया, “बस इतनी तेज थी कि हमें संभलने का मौका ही नहीं मिला। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।” इस घटना ने नवरात्रि की भक्ति को एकबारगी दर्द में बदल दिया।
प्रशासन की तत्परता: कलेक्टर ने दी आर्थिक सहायता, सख्त कार्रवाई का ऐलान
हादसे की खबर फैलते ही उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, संभागायुक्त धनंजय सिंह और पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने घायलों का हाल जाना। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर गंभीर घायलों से मुलाकात की और रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से 7 घायलों के परिजनों को 10-10 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन सभी घायलों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े भी अस्पताल पहुंचे और घायलों को ढांढस बंधाया। संभागायुक्त ने डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए, जबकि आईजी ने बस स्टैंड के बाहर वाहन खड़े करने पर कार्रवाई के आदेश जारी किए। पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने, लापरवाही और नो एंट्री उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज की है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



