
ITR में गलत जानकारी देने पर हो सकती है जेल, जानिए Income Tax के सख्त नियम
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय अगर आपकी जानकारी गलत या ग़लत समझी गई हुई निकले तो आपको भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी हो सकती है। यह नियम टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा कड़े कानूनों के तहत लागू किए गए हैं।

अंडर रिपोर्टिंग और मिसरिपोर्टिंग
अगर आप अपनी वास्तविक आय से कम कमाई दिखाते हैं या आय के स्रोत में गलत जानकारी देते हैं तो इसे अंडर रिपोर्टिंग या मिसरिपोर्टिंग कहा जाता है। इससे इनकम टैक्स विभाग को नुकसान होता है और यह गंभीर अपराध माना जाता है।
जुर्माने और पेनल्टी
सेक्शन 270A के तहत अगर आय को कम दिखाया गया, तो 50% तक का पेनल्टी लग सकता है।
अगर जानबूझकर गलत रिपोर्टिंग की गई तो यह पेनल्टी दोगुनी यानी 200% तक भी जा सकती है।
इसके अलावा, टैक्स भुगतान में देरी पर धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज भी देना पड़ सकता है।
नोटिस और जांच
आयकर विभाग के पास AIS, फॉर्म 26AS, बैंक डाटा और अन्य थर्ड पार्टी डाटा होती है। अगर इनमें कोई विसंगति मिलती है तो विभाग नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांग सकता है और जांच शुरू कर सकता है।
जेल की सजा
अगर आय छुपाना या गलत जानकारी देना जानबूझकर किया गया और टैक्स चोरी पाया गया तो 6 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। यह मामला न्यायालय तक भी पहुंच सकता है।

सावधानी के उपाय
सही और पूरी जानकारी ITR में भरें।
आय के सभी स्रोतों को सही दिखाएं।
अगर गलती हो तो सुधारात्मक अपडेटेड रिटर्न फाइल करें।
फर्जी दस्तावेज़ और झूठे दावे करने से बचें।
महत्वपूर्ण तारीख
ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 है। देरी होने पर लेट फीस और पेनल्टी लग सकती है।
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