
Istanbul में छत्तीसगढ़ का जलवा, रायपुर के अजमान अली ने युवाओं को दिया एकता और शांति का संदेश
रायपुर के सैयद अजमान अली मदनी ने अपनी प्रतिभा और प्रभावशाली विचारों से इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी मंच (International Volunteer Forum – IVF) में छत्तीसगढ़ और भारत का गौरव बढ़ाया है। इस कार्यक्रम में 80 से अधिक देशों के युवा परिवर्तनकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए थे।

अजमान, जो बेंगलुरु के एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्र और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) स्वयंसेवक हैं, ने युवाओं के नेतृत्व वाली जनसेवा, सामाजिक प्रभाव में प्रौद्योगिकी के उपयोग, और मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित किए गए कार्यशालाओं और संवादों में भाग लिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सीमाएं और राजनीतिक विभाजन भले ही लोगों के बीच दीवारें खड़ी करदें, लेकिन मानवता एक ऐसी सार्वभौमिक शक्ति है जो सभी बाधाओं को पार कर सकती है। अजमान ने भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के उदाहरण देते हुए शांति और एकता का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अंदर बदलाव लाने की क्षमता में विश्वास रखें और निरंतर सकारात्मक कदम उठाते रहें।

कार्यक्रम के समापन पर अजमान ने प्रसिद्ध उर्दू शायर इकबाल की पंक्ति “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना” पढ़कर समागम में एक गर्मजोशी और एक साथ जुड़ने का संदेश दिया, जिससे पूरी सभा गूंज उठी।
यह कार्यक्रम रायपुर और छत्तीसगढ़ के युवाओं की वैश्विक मंच पर सक्रिय और सकारात्मक छवि प्रस्तुत करता है। सैयद अजमान अली मदनी जैसे युवा न केवल अपनी शिक्षा में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि समाजिक समस्याओं के समाधान में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो भविष्य की प्रगति के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



