
इंदौर में अनोखी बच्ची का जन्म: एक धड़, दो सिर, डॉक्टर्स भी हैरान
इंदौर, 24 जुलाई 2025:
मध्य प्रदेश के इंदौर में MTH अस्पताल में एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारिक घटना ने चिकित्सा जगत को हैरत में डाल दिया है। यहां एक 22 वर्षीय महिला ने ऐसी बच्ची को जन्म दिया, जिसका एक धड़, दो सिर, दो फेफड़े, दो लिवर और एक दिल है। इस अनोखी बच्ची को फिलहाल सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में रखा गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति ने चौंकाया
देवास जिले के हरनगांव की रहने वाली 22 वर्षीय महिला को 22 जुलाई को प्रसव पीड़ा के कारण इंदौर के MTH अस्पताल में भर्ती किया गया। गर्भावस्था के दौरान चार बार की गई सोनोग्राफी में कोई असामान्यता नहीं पाई गई थी। लेकिन जब प्रसव के दौरान हालत गंभीर हुई, तो डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी का फैसला लिया। डिलीवरी के बाद जो सामने आया, वह चिकित्सा जगत के लिए एक हैरान करने वाला दृश्य था। नवजात बच्ची के एक धड़ में दो सिर थे, जिसे चिकित्सकीय भाषा में “पैरापैगस डेसिफेल्स ट्विन्स” कहा जाता है।
यह कोई अनुवांशिक बीमारी नहीं
MTH अस्पताल की अधीक्षक और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा दवे ने बताया कि यह स्थिति अनुवांशिक नहीं है और न ही इसका संबंध मां के स्वास्थ्य या जीवनशैली से है। यह एक दुर्लभ विकासात्मक विसंगति है, जो गर्भधारण के शुरुआती हफ्तों में तब होती है, जब निषेचित अंडाणु पूरी तरह से दो अलग-अलग भ्रूणों में विभाजित नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप, दो भ्रूण एक ही शरीर में विकसित होते हैं, लेकिन कुछ अंग जैसे सिर या रीढ़ की हड्डी अलग रह जाते हैं। वैश्विक स्तर पर ऐसी स्थिति प्रति 50 हजार से 2 लाख गर्भधारण में एक बार देखने को मिलती है।

सर्जरी पर विशेषज्ञों की नजर
नवजात की जटिल शारीरिक संरचना को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम गहन अध्ययन कर रही है। इस टीम में शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जन और इमेजिंग विशेषज्ञ शामिल हैं। सीनियर पीडियाट्रिक डॉ. सुनील आर्य ने बताया कि बच्ची में दो रीढ़ की हड्डियां, दो लिवर, दो आंत तंत्र, दो फेफड़े और एक दिल है। विशेषज्ञ यह तय करेंगे कि क्या एक सिर को सर्जरी द्वारा अलग करना संभव है और क्या शेष अंग स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं। सर्जरी का निर्णय बच्ची के जीवन और भविष्य की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
डॉक्टरों की टीम ने दिखाया कमाल
इस जटिल डिलीवरी को सफल बनाने में MTH अस्पताल की डॉक्टरों की टीम ने अहम भूमिका निभाई। विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल के नेतृत्व में डॉ. अल्का पटेल, डॉ. शीतल हेडाओ, डॉ. इंदरलता सोलंकी, डॉ. नेहा राजपूत और डॉ. दिव्या ने त्वरित निर्णय और कुशल सर्जरी के जरिए मां और नवजात की जान बचाई। यह डिलीवरी चिकित्सा इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में दर्ज हो सकती है।
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