
भारत के मिसाइल हमले ने पाकिस्तान के परमाणु केंद्र किराना हिल्स को निशाना बनाया: सैटेलाइट इमेजरी से खुलासा
20 जुलाई 2025
ऑपरेशन सिंदूर और किराना हिल्स पर हमला
मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। हाल ही में सामने आई सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि पाकिस्तान के सरगोधा जिले में स्थित किराना हिल्स, जो पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा है, पर भी मिसाइल हमला हुआ। यह खुलासा जियो-इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन द्वारा किया गया, जिन्होंने जून 2025 में गूगल अर्थ से प्राप्त इमेजरी का विश्लेषण किया।
सैटेलाइट इमेजरी से मिले सबूत
डेमियन साइमन ने अपने विश्लेषण में बताया कि जून 2025 की सैटेलाइट तस्वीरों में किराना हिल्स पर एक मिसाइल हमले का प्रभाव क्षेत्र दिखाई देता है। इसके अलावा, पास के सरगोधा एयरबेस (मुशाफ एयरबेस) पर रनवे की मरम्मत के निशान भी दिखे, जो मई में भारतीय हमलों के दौरान हुए नुकसान की पुष्टि करते हैं। साइमन ने एक्स पर लिखा, “जून 2025 की गूगल अर्थ की तस्वीरें सरगोधा क्षेत्र से दिखाती हैं: 1. मई 2025 में किराना हिल्स पर भारत के हमले का प्रभाव स्थल; 2. मई 2025 में भारत के हमलों के बाद सरगोधा एयरबेस पर मरम्मत किए गए रनवे।”

भारत का आधिकारिक बयान और इनकार
भारत ने शुरू में किराना हिल्स को निशाना बनाने की खबरों का खंडन किया था। 12 मई 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायुसेना के महानिदेशक एयर मार्शल एके. भारती ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “हमें बताने के लिए धन्यवाद कि किराना हिल्स में कुछ परमाणु सुविधाएं हैं, हमें नहीं पता था। हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया।” उनकी इस टिप्पणी और मुस्कान ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि भारत का खंडन रणनीतिक हो सकता है।
किराना हिल्स का सामरिक महत्व
किराना हिल्स पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह क्षेत्र सरगोधा एयरबेस से केवल 8 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है और इसमें भूमिगत परमाणु भंडारण सुरंगें होने की बात कही जाती है। 1980 के दशक में यहां सबक्रिटिकल परमाणु परीक्षण किए गए थे। सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, यह क्षेत्र पाकिस्तान के सामरिक परमाणु हथियारों, जैसे नसर मिसाइल, के लिए भी महत्वपूर्ण है। सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई देने वाली मरम्मत और हमले के निशान इस क्षेत्र की रणनीतिक प्राथमिकता को दर्शाते हैं।
सोशल मीडिया पर हलचल और विवाद
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सोशल मीडिया पर किराना हिल्स पर हमले की खबरों ने जोर पकड़ा। कई यूजर्स ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु भंडार को निशाना बनाया, जिससे परमाणु रिसाव की आशंका पैदा हुई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और पाकिस्तानी अधिकारियों ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की। कुछ पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी और मिस्री सैन्य विमानों को क्षेत्र में देखा गया, जो परमाणु रिसाव की जांच के लिए तैनात किए गए हो सकते हैं, लेकिन यह दावा भी असत्यापित है।
वैश्विक चिंता और भविष्य के निहितार्थ
किराना हिल्स पर संदिग्ध हमले ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह क्षेत्र न केवल पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की सामरिक स्थिरता के लिए भी संवेदनशील है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह हमला, यदि सत्य है, तो एक चेतावनी के रूप में हो सकता है, जो यह संदेश देता है कि भारत पाकिस्तान के किसी भी संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। इस घटना ने वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, और भविष्य में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया जा रहा है।
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