
IIM-कलकत्ता बलात्कार मामले में आरोपी छात्र को जमानत
20 जुलाई 2025
कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम)-कलकत्ता में 11 जुलाई 2025 को एक गंभीर घटना सामने आई। एक युवती ने आरोप लगाया कि संस्थान के पुरुष छात्रावास में एक द्वितीय वर्ष के एमबीए छात्र ने उसके साथ बलात्कार किया। शिकायतकर्ता, जो एक मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता है, ने हरिदेवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें उसने दावा किया कि उसे परामर्श सत्र के बहाने बुलाया गया और उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत के बाद, कोलकाता पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी, प्रेमानंद महावीर टोपन्नावर उर्फ परमानंद जैन, को 12 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार) और धारा 123 (नशीले पदार्थ देने) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, और एक नौ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
जांच में चुनौतियां

जांच के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं। शिकायतकर्ता ने अपनी गोपनीय गवाही दर्ज करने के लिए अदालत में उपस्थित होने से इनकार कर दिया और चिकित्सीय जांच के लिए भी सहयोग नहीं किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता और उसके परिवार ने जांच में सहयोग नहीं किया, और उसका फोन भी बंद पाया गया। इसके अलावा, शिकायतकर्ता के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी के साथ कोई यौन उत्पीड़न नहीं हुआ और वह एक ऑटो-रिक्शा से गिरने के कारण घायल हुई थी।
कोर्ट का फैसला
अलीपुर कोर्ट ने 19 जुलाई 2025 को आरोपी को 50,000 रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता ने जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके कारण जांच में बाधा आई। कोर्ट ने आरोपी को अपना पासपोर्ट जमा करने और राज्य छोड़ने से पहले अनुमति लेने का निर्देश दिया।
आईआईएम-कलकत्ता का बयान
आईआईएम-कलकत्ता के निदेशक प्रभारी, सैबल चट्टोपाध्याय ने बयान जारी कर कहा कि संस्थान इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा संस्थान ऐसी घटनाओं के प्रति शून्य सहिष्णुता रखता है और सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
विवाद और सवाल
मामले ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर शिकायतकर्ता के पिता के बयान और उसके जांच में असहयोग के कारण। आरोपी के वकील ने दावा किया कि शिकायत में कई खामियां हैं और परिसर में प्रवेश की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ऐसी घटना संभव नहीं है। सीसीटीवी फुटेज की जांच और अन्य साक्ष्यों की प्रतीक्षा में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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