
ऐतिहासिक आत्मसमर्पण: 200 नक्सली छोड़ेंगे हिंसा का रास्ता, CM साय के सामने करेंगे सरेंडर
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में आज नक्सल उन्मूलन के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन दर्ज होने जा रहा है। लंबे समय से हिंसा के रास्ते पर चल रहे 200 से अधिक नक्सली आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होंगे। यह प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण माना जा रहा है।

सुरक्षा बलों के शिविर तक पहुंचे नक्सली
सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पार कर सुरक्षा बलों के शिविर तक पहुंच चुके हैं। इन नक्सलियों में कई सक्रिय कमांडर, एरिया कमिटी सदस्य और संगठन के वरिष्ठ कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति पर भरोसा जताते हुए हथियार छोड़ने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय स्वयं इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और समर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के तहत सहायता राशि और सुरक्षा का आश्वासन देंगे।
बीते एक वर्ष में 700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण
राज्य सरकार का कहना है कि नक्सली हिंसा को समाप्त कर बस्तर को शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ाना अब प्राथमिक लक्ष्य है। मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में कहा था कि “हिंसा छोड़ने वालों का स्वागत है, विकास की राह पर चलने वालों को सरकार हर संभव सहायता देगी।”बीजापुर में आयोजित यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम सुरक्षा बलों, पुलिस और प्रशासन की दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बीते एक वर्ष में 700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
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