
हिंदू धर्म विविधताओं को अपनाने वाला धर्म : मोहन भागवत
नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि विश्व को आज एक ऐसे धर्म की आवश्यकता है जो विविधताओं को अपनाए और समाज में अपनापन बढ़ाए। उन्होंने हिंदू धर्म को ऐसा धर्म बताया जो इन मूल्यों को अपने मूल में समेटे हुए है।

मोहन भागवत ने एक हालिया कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, “हिंदू धर्म हमें विविधताओं को स्वीकार करना और अपनापन सिखाता है। यह धर्म केवल एक पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक दर्शन है जो सभी को साथ लेकर चलता है।” उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में, जब दुनिया में विभाजन और तनाव बढ़ रहे हैं, हिंदू धर्म का यह सिद्धांत विश्व शांति और एकता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
भागवत के इस बयान को सामाजिक समरसता और वैश्विक एकता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उनके विचारों ने समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चा को जन्म दिया है, जहां लोग हिंदू धर्म के इस समावेशी दृष्टिकोण की सराहना कर रहे हैं।
RSS प्रमुख ने यह भी जोड़ा कि धर्म का असली उद्देश्य मानवता को जोड़ना और सभी के बीच प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना है। उनके इस कथन को देश और दुनिया में एक सकारात्मक संदेश के रूप में लिया जा रहा है।
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