
Himachal में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मंडी, कुल्लू, किन्नौर सबसे ज्यादा प्रभावित
हिमाचल प्रदेश 17 अगस्त 2025 में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य का जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग और कई अन्य महत्वपूर्ण सड़कें नए भूस्खलन की वजह से बंद हो गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो चुका है।

बाढ़ और भूस्खलन का कहर
पिछले 48 घंटों में हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई। सड़कों पर मिट्टी और चट्टानों का ढेर लग गया, जिससे वाहन फंस गए और कई जगहों पर तो वाहन बाढ़ के तेज बहाव में बह गए। सतलुज नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिससे आसपास के इलाकों में और खतरा बढ़ गया है।

प्रशासन की चुनौतियाँ
लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी बाधाएँ आ रही हैं। सड़कें बंद होने से प्रभावित इलाकों तक जरूरी राहत सामग्री और सहायता पहुँचाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन द्वारा लगातार हालात पर नज़र रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन संकटग्रस्त क्षेत्रों में मदद पहुँचा रहा है।

नुकसान का आंकड़ा
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में इस वर्ष जून से अभी तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन से हो चुकी है। सैकड़ों मकान और ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं, और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। ताजा बाढ़ और भूस्खलन ने सड़कों, पुलों और अन्य सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
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