
हिमाचल और उत्तराखंड में मानसून का कहर: पुल बह गए, बाढ़ से तबाही
हिमाचल , 01 जुलाई , 2025
उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बाढ़ का पानी पुलों, सड़कों और रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, और स्थानीय लोग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कों और अवरुद्ध मार्गों ने इन प्रयासों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में बाढ़ का कहर, पुल ध्वस्त

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाखली और कुकलाह सहित कई पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मंडी के करसोग, गोहर और धर्मपुर जैसे इलाकों में बादल फटने की घटनाओं ने स्थिति को और बदतर कर दिया है। इन घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, और कई लोग लापता हैं। ब्यास नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे मंडी शहर के कई हिस्सों में पानी घुस गया है। सड़कों, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, और किरतपुर-मनाली राजमार्ग कई जगहों पर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। जिला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया है और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी, रेड अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। मंडी जिले में 34 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम के रास्ते में भूस्खलन और बादल फटने से 600 से अधिक तीर्थयात्री जंकी चट्टी के पास फंसे हुए हैं। मौसम विभाग ने मंडी, शिमला, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और चंबा जैसे जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का जोखिम होने की चेतावनी दी है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को 24×7 सतर्क रहने और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से नदियों और नालों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।
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