
सिम्स की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, CGMSC को दस्तावेजों के साथ पेश होने के दिए निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिम्स (SIMS) की बदहाल व्यवस्था और मरीजों को इलाज में हो रही दिक्कतों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई।

सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) की ओर से अदालत को बताया गया कि मेडिकल मशीनों की खरीदी से संबंधित टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। टेंडर जारी करने से पहले दावा-आपत्ति मंगाई गई है, जिसके निराकरण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मशीनों से संबंधित कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
हाईकोर्ट ने सीजीएमएससी को निर्देश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई में टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ कोर्ट में उपस्थित हों। अदालत ने स्पष्ट किया कि सिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में मशीनों की कमी मरीजों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

लंबे समय से चल रही है सुनवाई
गौरतलब है कि सिम्स में जांच मशीनों की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति और इलाज में हो रही लापरवाही को लेकर प्रकाशित समाचारों के आधार पर हाईकोर्ट ने पहले ही जनहित याचिका दर्ज की थी। पिछली सुनवाई में भी CGMSC द्वारा टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी, लेकिन काम पूरा नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी के दूसरे सप्ताह में तय की है।
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