
Chhattisgarh में DJ और लेजर पर रोक को लेकर High Court सख्त
सरकार ने कहा—कड़े कानून बनाने पर कर रही विचार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेज आवाज वाले DJ साउंड, लेजर लाइट और हाई-डेसीबल म्यूजिक को लेकर दायर याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने इस दौरान राज्य सरकार से पूछा कि धार्मिक कार्यक्रमों, बारात, सार्वजनिक आयोजनों और रात्री कार्यक्रमों में शोर की सीमा से अधिक उपयोग होने पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और इसे रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि
- लगातार बढ़ रहे शोर प्रदूषण से स्कूल, अस्पताल और रिहायशी क्षेत्रों में गंभीर असर पड़ रहा है।
- प्रशासन द्वारा नियमों का सही पालन नहीं होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
- यह सरकार की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
अदालत ने यह भी पूछा कि रात 10 बजे के बाद DJ और लेजर के चलने पर रोक के बावजूद कई स्थानों से उल्लंघन की शिकायतें क्यों मिल रही हैं।
सरकार का जवाब—कड़े कानून पर विचार
सुनवाई में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि—
- शोर नियंत्रण कानूनों को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।
- पुलिस विभाग को नियमों के सख्ती से पालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- बड़े आयोजनों में DJ, लेजर और उच्च ध्वनि वाले उपकरणों के उपयोग पर अनुमति प्रणाली और अधिक कड़ी की जाएगी।
सरकार ने आश्वासन दिया कि शोर प्रदूषण रोकने के लिए नए प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं, और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट जल्द अदालत में पेश की जाएगी।
याचिकाकर्ता की मांग
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि—
- DJ और लेजर पर रात 10 बजे के बाद पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए।
- अस्पतालों, स्कूलों और संवेदनशील क्षेत्रों के आस-पास लाउडस्पीकर के उपयोग पर सख्त रोक लगाई जाए।
- उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और उपकरण जब्त करने का प्रावधान जोड़ा जाए।
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