
High Court में खुलासा: भोपाल ROB का मोड़ 90 नहीं, 119 Degree का खतरे का संकेत
भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज का विवाद अब हाईकोर्ट में नया मोड़ ले चुका है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया है कि इस ब्रिज का मोड़ 90 डिग्री नहीं, बल्कि लगभग 118 से 119 डिग्री का है, जो निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियों को उजागर करता है।

मैनिट भोपाल के सीनियर प्रोफेसर द्वारा जांच रिपोर्ट सीलबंद लिपटे में हाईकोर्ट को सौंप दी गई है, जिस पर कोर्ट ने इसकी प्रति याचिकाकर्ता पक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी ब्रिज पर मोड़ का आदर्श कोण केवल 10 डिग्री होना चाहिए, ताकि गाड़ियों को मोड़ लेते समय आसानी रहे और दुर्घटना की संभावना कम हो। 119 डिग्री का मोड़ खतरनाक है और इसके कारण वाहनों को नियंत्रण में बरकरार रखना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते सुरक्षा के लिहाज से इस तरह के मोड़ वाले स्लैब को कम से कम 30 प्रतिशत चौड़ा करने की आवश्यकता है, जिससे गाड़ियों को अतिरिक्त जगह मिले और वे सुरक्षित तरीके से मोड़ ले सकें।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने ठेकेदार की ब्लैक लिस्टिंग पर फिलहाल रोक लगा रखी है। ठेकेदार का तर्क है कि ब्रिज की डिजाइन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा दी गई ही थी और इसी आधार पर निर्माण हुआ था। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को तय की है, जहां इस तकनीकी दोष और सुधारात्मक कदमों पर चर्चा होगी।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



