February 1, 2026
High Court का ऐतिहासिक फैसला: रिटायर्ड अधिकारी को 1993 से मिलेगा दो वेतनवृद्धि का लाभ

High Court का ऐतिहासिक फैसला: रिटायर्ड अधिकारी को 1993 से मिलेगा दो वेतनवृद्धि का लाभ

Aug 29, 2025

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में रिटायर्ड ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नीलकमल गर्ग को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि गर्ग को नवंबर 1993 से दो अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए, जब उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। इसके साथ ही बकाया राशि पर 6% साधारण ब्याज भी देने का निर्देश दिया गया है। यह प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि
बिलासपुर निवासी नीलकमल गर्ग की नियुक्ति 14 फरवरी 1983 को बैकुंठपुर, जिला सरगुजा (तत्कालीन मध्यप्रदेश) में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर हुई थी। सेवा के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने का निर्णय लिया और 10 अगस्त 1985 को उप संचालक, कृषि, सागर से अनुमति प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने नवंबर 1993 में हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल की। गर्ग ने 1995 में शासन से अनुरोध किया कि नियमों के अनुसार पीएचडी करने पर उन्हें दो अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए, लेकिन विभाग ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया।

हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई
विभाग के बार-बार आग्रह के बावजूद कोई निर्णय न लेने पर गर्ग ने 2017 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हालांकि, 8 मई 2025 को सिंगल बेंच ने उनकी याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि पीएचडी की पढ़ाई के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद गर्ग ने हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर की।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने अपील की सुनवाई करते हुए गर्ग के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि गर्ग का 1985 का आवेदन और उस पर दी गई अनुमति उच्च शिक्षा के लिए थी, जिसमें पीएचडी भी शामिल थी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पहले भी पीएचडी करने वाले कर्मचारियों को वेतनवृद्धि का लाभ दिया है। कई पूर्व फैसलों में यह सिद्धांत तय हो चुका है कि सेवा के दौरान पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों को दो अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाना चाहिए।

हाई कोर्ट का आदेश
डिवीजन बेंच ने अपील मंजूर करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया कि नीलकमल गर्ग को नवंबर 1993 से दो अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही बकाया राशि पर 6% साधारण ब्याज भी देने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी की जाए।

फैसले का महत्व
इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो सेवा के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं। यह फैसला न केवल नीलकमल गर्ग के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भविष्य में अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा।

नीलकमल गर्ग ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है। यह फैसला उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने और सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix