
गुरुग्राम: प्रवर्तन निदेशालय ED की कार्रवाई, 10.55 Crore रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क
गुरुग्राम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंपनी की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। इस कार्रवाई में 10.55 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच का हिस्सा है। ईडी ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में फैले इस नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाया है, जिसमें कई प्रमुख व्यक्तियों और कंपनियों को निशाना बनाया गया।

कार्रवाई का विवरण
ईडी ने गुरुग्राम में स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी, इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ यह कार्रवाई की। इस कंपनी के निदेशक, ललित स्वामी और सुशील अंसल, प्रणव अंसल और कुणाल अंसल जैसे नामचीन लोग भी जांच के दायरे में हैं। इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने 2002 के प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई शुरू की, जिसमें 10.55 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को कुर्क किया गया।
अवैध गतिविधियों का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया कि इस कंपनी ने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अरबों रुपये की संपत्ति जमा की थी। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में फैले इस नेटवर्क ने रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर काले धन को सफेद करने का काम किया। इन परियोजनाओं में निवेशकों को आकर्षक ऑफर देकर उन्हें ठगा गया और प्राप्त धन का दुरुपयोग किया गया। ईडी के अनुसार, इस नेटवर्क ने 1974 के वाटर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट और 1981 के एयर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट जैसे पर्यावरण कानूनों का भी उल्लंघन किया।

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HPCB) ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बोर्ड ने इन परियोजनाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें अवैध निर्माण और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप था। ईडी ने इस शिकायत के आधार पर गहन जांच शुरू की और कई संपत्तियों को सीज कर दिया।
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