
गुजरात के सूरत में बड़ा हादसा: ₹21 करोड़ की पानी की टंकी भरते ही धराशायी
सूरत। गुजरात के सूरत जिले में एक नई बनी पानी की टंकी का निर्माण कार्य विवादों में घिर गया है। जनता के करीब 21 करोड़ रुपये खर्च करके बनाई गई यह टंकी, जिसका उद्देश्य आसपास के 14 गांवों को पानी की आपूर्ति करना था, पहले ही भराव के दौरान ढह गई। यह घटना विकास और इंजीनियरिंग की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
टंकी भरते ही हुई तबाही
टंकी में पानी भरने की प्रक्रिया शुरू होते ही संरचना अचानक भरभरा कर गिर गई। वीडियो में दिख रहा है कि विशाल टंकी मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गई, जबकि पानी आसपास के इलाकों में फैल गया। टंकी की क्षमता लगभग 11 लाख लीटर बताई जा रही है और यह 15 मीटर ऊंची थी। भराव का ट्रायल चल रहा था, लेकिन टंकी पानी के दबाव को बर्दाश्त नहीं कर सकी और ढह गई।

14 गांवों की पेयजल योजना पर संकट
यह टंकी तड़केश्वर गांव के इलाके में बनाई गई थी, जो रेठ क्षेत्र में आता है। योजना के तहत इससे 14 गांवों को नियमित पानी मिलना था। अब टंकी के ढहने से पूरी पेयजल परियोजना प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोगों में गुस्सा है और वे निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की खराब गुणवत्ता तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं।
भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक बयानबाजी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया। एक यूजर ने लिखा, “मोदी है तो मुमकिन है… कॉलैप्स!” कई लोगों ने कहा कि 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी टंकी इतनी जल्दी ढह गई, तो पैसों का सही इस्तेमाल कहां हुआ? कुछ ने इसे “भ्रष्टाचार की टंकी” करार दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। NIT सूरत से तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि निर्माण में हुई खामियों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी गिरफ्तारी या निलंबन की खबर नहीं है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



