
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: Eco-Tourism का आदर्श केंद्र
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिला अब छत्तीसगढ़ में इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है। घने जंगल, झरने, पहाड़, गुफाएँ और वन्यजीव यहाँ की पहचान हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण इसे उन पर्यटकों के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं जो प्रकृति के बीच सुकून तलाशते हैं।

🌿 खास आकर्षण
अमरकंटक पहाड़ियाँ – नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों का उद्गम स्थल।
कटनी और तेंदूपत्ता वन – ट्रैकिंग और जंगल सफारी के लिए उपयुक्त।
झरने और गुफाएँ – सालभर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
वन्यजीव – बाइसन, भालू, हिरण, और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियाँ।
ग्रामीण पर्यटन – स्थानीय आदिवासी संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजन।
🚴 एडवेंचर और एक्टिविटीज़
- जंगल सफारी
- ट्रैकिंग और ट्रेकिंग ट्रेल्स
- बर्ड वॉचिंग
- नेचर वॉक और कैंपिंग

📸 पर्यटन विभाग की पहल
छत्तीसगढ़ सरकार ने यहाँ इको-टूरिज्म ज़ोन विकसित करने की योजना बनाई है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
होमस्टे और गाइड ट्रेनिंग से स्थानीय लोगों को फायदा होगा।
आने वाले समय में यहाँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन बढ़ने की संभावना है।
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