
Gariyaband : एक घंटे की बारिश से डूबा स्टेशन रोड, 200 घरों में घुसा पानी
गरियाबंद। नवापारा-राजिम रेल लाइन के उद्घाटन से पहले ही रेलवे निर्माण कार्यों की पोल एक बरसात ने खोल दी। मंगलवार को महज एक घंटे की बारिश ने रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग को तालाब बना दिया। स्टेशन रोड पर घुटनों तक पानी भर गया और आसपास के लगभग 200 घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया।

स्टेशन के पीछे और गोबरा से लेकर बस स्टैंड, गाड़ापारा, आयुष्मान हॉस्पिटल व हवेली मंदिर तक जलभराव ने नागरिकों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि गली-कूचों से लेकर मुख्य सड़कों और घरों के आंगन तक केवल पानी ही पानी है।
नागरिकों का आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो रेलवे विभाग और न ही नगर पालिका ने कभी गंभीरता से स्थायी समाधान निकाला। नालियों की गहराई कम होने और सफाई न होने की वजह से हर बारिश में घरों तक पानी घुस जाता है। आरोप यह भी लगे कि रेलवे इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क और नाली का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। छोटूसा मिल तक सड़क तो बन गई, लेकिन बस स्टैंड तक सड़क और नाली का कोई अता-पता नहीं है।
“बारिश में घर छोड़ने की नौबत”
एक निवासी ने कहा, “रेलवे स्टेशन तो बन गया, लेकिन मूलभूत सुविधाएं ध्वस्त हैं। बारिश में हमें घर छोड़ने की स्थिति आ जाती है। अगर बस स्टैंड से नदी तक सीधी नाली बना दी जाती, तो यह समस्या कभी नहीं होती।”
ठेकेदार का कहना है कि वह बस अड्डे से प्लेटफार्म तक सड़क और नाली बनाने को तैयार है, लेकिन रेलवे इंजीनियर की ओर से सीमा तय नहीं की जा रही। वहीं, संपर्क करने पर रेलवे इंजीनियर केके सिंह ने फोन रिसीव नहीं किया।

उद्घाटन से पहले उजागर खामियां
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री 18 सितंबर को नवापारा-राजिम रेलवे लाइन का उद्घाटन करने वाले हैं। लेकिन उससे पहले की बारिश ने लोगों की उम्मीदों के बीच निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधूरेपन की असलियत सामने रख दी है।
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