
Gariyaband में तीन इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से एक बार फिर सकारात्मक खबर सामने आई है। गरियाबंद जिले में तीन इनामी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटना ने नक्सल विरोधी अभियान में एक नई उम्मीद जगाई है। इन नक्सलियों में से एक रामा कवासी, जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल था, ने भी हथियार डाल दिए हैं। इस आत्मसमर्पण के साथ ही क्षेत्र में शांति और विकास की नई राह खुलने की संभावना बढ़ गई है।
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आत्मसमर्पण की कहानी
आज गरियाबंद में हुए इस आत्मसमर्पण में तीन नक्सलियों ने अपनी बंदूकें और विस्फोटक सामग्री पुलिस को सौंप दी। इनमें रामा कवासी, सुंदरी कवासी और मनिला उर्फ सुंदरी कवासी शामिल हैं। रामा कवासी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि अन्य दो नक्सलियों पर भी पुलिस द्वारा इनाम रखा गया था। ये नक्सली ओडिशा राज्य कमेटी के सशस्त्र प्रचार दस्ते (प्लाटून नंबर-1) के गठन-जोड़ी उफ दस्ते मडकम (प्लाटून नंबर-1) और सिनापाली एरिया कमेटी (प्लाटून सादर्स) से संबद्ध थे। इनका आत्मसमर्पण गरियाबंद पुलिस और जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

नक्सलियों का पिछला इतिहास
रामा कवासी, जो बीजापुर जिले के निवासी हैं, लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। उसने 2016 में 16 साल की उम्र से नक्सली संगठन में शामिल होकर कई हिंसक वारदातों में हिस्सा लिया। इसके बाद 2017 में जनीमिलिशिया के रूप में शामिल होकर उसने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया। वहीं, सुंदरी कवासी और मनिला उर्फ सुंदरी कवासी भी इसी दस्ते का हिस्सा थीं और इन पर भी कई संगीन आरोप हैं।
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