
गैंगस्टर मयंक सिंह का बड़ा खुलासा: रायपुर में फायरिंग से लेकर हवाला और हथियार सप्लाई तक का नेटवर्क बेनकाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आए कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। झारखंड की रामगढ़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाए गए मयंक सिंह को कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर 4 दिन के रिमांड पर लिया है।

रिमांड के दौरान हुई रात की पूछताछ में मयंक सिंह ने कोल और कंस्ट्रक्शन कारोबारी के दफ्तर के बाहर फायरिंग करवाने की वारदात स्वीकार की है। मयंक ने बताया कि कारोबारी समूह से करीब 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं मिलने पर पहले झारखंड स्थित साइट पर अमन साव गैंग के गुर्गों से फायरिंग करवाई गई और इसके बाद पंजाब के शूटरों के जरिए रायपुर के तेलीबांधा इलाके में कंपनी दफ्तर के बाहर फायरिंग करवाई गई।
लॉरेंस विश्नोई गैंग से कनेक्शन
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मयंक सिंह का सीधा कनेक्शन लॉरेंस विश्नोई गैंग से रहा है। पूछताछ के दौरान हथियार सप्लाई, हवाला नेटवर्क और विदेशी लिंक को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं।
हवाला का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
मयंक ने बताया कि झारखंड से हवाला के जरिए वसूली गई रकम यूरोप भेजी जाती थी, जहां से मलेशिया और थाईलैंड तक पैसे का ट्रांजैक्शन होता था। इतना ही नहीं, कुआलालंपुर के पाक-पंजाब रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के जरिए रकम पाकिस्तान के एजेंटों तक पहुंचाई जाती थी।
ड्रोन से हथियार सप्लाई
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि विदेशी हथियारों को ड्रोन के जरिए पंजाब में गिरवाया जाता था, जिसके बाद सड़क मार्ग से इन्हें पंजाब से रांची तक सप्लाई किया जाता था। यह हथियार अमन साहू गैंग को मुहैया कराए जाते थे।

45 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मयंक सिंह पर हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश सहित 45 से अधिक छोटे-बड़े मामले दर्ज हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायपुर और रायगढ़ में भी उसके खिलाफ कई प्रकरण दर्ज हैं। लंबे समय तक वह मलेशिया में बैठकर अपने गैंग का संचालन करता रहा।
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