
छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं पर FDA की बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर में जब्त हुई लाखों की दवाइयां
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नकली और अमानक दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पूर्वी प्रदेश और अल्ट जरी इलाके में छापेमारी के दौरान FDA को संस्थागत आपूर्ति के लिए तैयार नकली दवाओं का भंडार मिला। इस कार्रवाई में करीब 1940 रुपये कीमत की दवाइयां जब्त की गईं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं। आइए, इस घटना के प्रमुख पहलुओं पर नजर डालें।
छापेमारी का विवरण: पूर्वी प्रदेश और अल्ट जरी में सघन तलाशी
FDA को गुप्त सूचना मिली थी कि बिलासपुर के पूर्वी प्रदेश क्षेत्र में नकली दवाओं का निर्माण और वितरण हो रहा है। इसके आधार पर 17 दिसंबर को FDA की टीम ने अल्ट जरी और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। टीम ने एक गोदाम में दाखिल होते ही पैकेटों में भरी नकली दवाओं का ढेर पाया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सुबह के समय शुरू हुई और दोपहर तक चली। छापेमारी के दौरान मौजूद व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। FDA अधिकारियों ने बताया कि दवाओं की पैकेजिंग में कोई मानक लेबलिंग नहीं थी, जो इन्हें आसानी से बाजार में घुसपैठ करने योग्य बनाती थी।

जब्त दवाइयां: गोल्डन ट्रांसपोर्ट और गोगाव से जुड़ी आपूर्ति
छापे में गोल्डन ट्रांसपोर्ट (नागपुर) और गोगाव (रायपुर) के नाम से जुड़ी दवाओं के पैकेट बरामद हुए। ये दवाएं संस्थागत आपूर्ति के लिए तैयार की जा रही थीं, जिसमें सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिक शामिल हो सकते थे। जांच में पाया गया कि दवाओं में आवश्यक तत्वों की कमी थी और कुछ मामलों में जहरीले पदार्थों का मिश्रण भी मिला।
आगे की कार्रवाई: निगरानी दल गठित, आरोपी पर शिकंजा
FDA ने इस मामले में निगरानी दल गठित करने का फैसला लिया है, जो पूरे राज्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर नजर रखेगा। जब्त दवाओं की फॉरेंसिक जांच चल रही है, और आरोपी व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। यदि दोष सिद्ध हुआ, तो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।
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