
धान खरीदी केंद्रों में मनमानी से किसानों में आक्रोश, रैली निकालकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पखांजूर (कांकेर)। धान खरीदी केंद्र प्रभारियों की कथित मनमानी से परेशान किसानों ने बुधवार को पखांजूर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने गोंडवाना भवन से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी दी है।

किसानों का आरोप है कि पखांजूर क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों में धान तौल और पंजीयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सूखती और हमाली के नाम पर वसूली का आरोप
किसानों ने बताया कि धान तौल के दौरान प्रति क्विंटल 10 से 15 रुपए हमाली के नाम पर लिए जा रहे हैं। इसके अलावा सूखती के नाम पर 1.5 किलो से लेकर 2.5 किलो तक की कटौती की जा रही है। विरोध करने पर किसानों का काम जानबूझकर रोके जाने का भी आरोप लगाया गया है।
टोकन और पर्ची नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
किसान सुखरंजन उसेंडी ने कहा कि खरीदी केंद्रों में समय पर टोकन नहीं कटता और पर्ची नहीं दी जाती, जिससे किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे परलकोट क्षेत्र के किसान खासे नाराज हैं।
वन अधिकार पट्टा धारक किसानों का पंजीयन नहीं
किसानों ने बताया कि वन अधिकार पट्टा धारक कई आदिवासी किसानों का पंजीयन अब तक सॉफ्टवेयर में नहीं हुआ है, जिसके कारण उनका धान खरीदा नहीं जा रहा। किसान पहले से कर्ज में डूबे हैं और खरीदी में देरी से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि शासन ने 1 नवंबर से सुचारू धान खरीदी का भरोसा दिलाया था, लेकिन 15 दिसंबर बीत जाने के बाद भी हालात नहीं सुधरे, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सर्व आदिवासी संगठन और ओबीसी समाज भी शामिल
आदिवासी समाज के अध्यक्ष सियाराम पुडो ने बताया कि धान खरीदी में हो रही अनियमितताओं के विरोध में किसान, मजदूर, सर्व आदिवासी संगठन और ओबीसी समाज के संयुक्त तत्वावधान में यह रैली निकाली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।
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