
CGMSC घोटाला में EOW का बड़ा एक्शन, डायसिस इंडिया का मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा गिरफ्तार
रायपुर | छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही ACB और EOW की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप में नवी मुंबई स्थित डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहाँ से उसे 27 जनवरी तक EOW की रिमांड पर भेज दिया गया है।
कैसे हुआ करोड़ों का ‘खेल’?
EOW की जांच में सामने आया है कि कुंजल शर्मा ने डायसिस इंडिया और CGMSC के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर एक गहरा षड्यंत्र रचा था। मेडिकल उपकरणों, रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की सप्लाई के लिए जानबूझकर फर्जी और अत्यधिक एमआरपी (MRP) तय की गई। आरोपी ने कंपनी की मूल नीतियों को ताक पर रखकर उपकरणों को बाजार मूल्य से 3 गुना अधिक रेट पर CGMSC को बेचा। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे खेल के जरिए शशांक चोपड़ा नामक व्यक्ति को अनुचित आर्थिक लाभ पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगी।

“हमर लैब” योजना भी जांच के दायरे में
EOW के अधिकारियों के मुताबिक, यह घोटाला केवल उपकरणों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “हमर लैब” योजना में शासकीय निधि के दुरुपयोग के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। कुंजल शर्मा से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई बड़े नामों के खुलासे होने की उम्मीद है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट में शामिल अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और सप्लायर्स के खिलाफ भी जल्द कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिमांड में उगलेंगे राज
कोर्ट ने कुंजल शर्मा को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। इस दौरान EOW यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फर्जी बिलिंग और एमआरपी के इस खेल में रायपुर से लेकर मुंबई तक और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
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