
EOW छापेमारी: आबकारी और कोयला घोटाले में बड़ी कार्रवाई, प्रदेश के 10 स्थानों पर छापे, जांच जारी
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती तेज हो गई है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आबकारी (शराब) घोटाले और कोयला लेवी घोटाले के मामलों में आज सुबह प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। ये छापे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, जशपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा और अंबिकापुर जैसे जिलों में मारे गए। EOW की टीमों ने संदिग्ध अधिकारियों, व्यापारियों और पूर्व नेताओं के परिसरों पर दबिश दी, जिसमें दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जब्त की गई। कार्रवाई अभी जारी है, और इससे राज्य में हड़कंप मच गया है।

आबकारी घोटाले पर केंद्रित प्रमुख छापे
आबकारी घोटाले में EOW की यह कार्रवाई पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास की गिरफ्तारी के बाद और तेज हुई है। घोटाले का अनुमानित मूल्य 2,500 करोड़ रुपये से अधिक है, जो 2019 से 2022 के बीच पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ। छापों में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के सहयोगियों, व्यापारियों और अधिकारियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। रायपुर के संतोषी नगर में नाहटा परिवार के आवास पर छापा मारा गया, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इसके अलावा, अंबिकापुर और दंतेवाड़ा में धाजाराम एंटरप्राइजेज जैसे सरकारी सप्लायरों के प्रतिनिधियों के घरों पर दबिश दी गई। EOW ने बताया कि अवैध शराब बिक्री, नीतिगत खामियां और कमीशन के जरिए कमाई की जांच हो रही है।
कोयला लेवी घोटाले में नई पड़ताल
कोयला घोटाले में EOW ने कोयला व्यापारियों और पूर्व अधिकारियों पर फोकस किया। इस घोटाले में प्रति टन कोयले पर 25 रुपये का अवैध लेवी वसूली का आरोप है, जिससे सैकड़ों करोड़ का नुकसान हुआ। छापे कोरबा और रायगढ़ में मारे गए, जहां सूर्यकांत तिवारी, रानू साहू (निलंबित आईएएस) और सौम्या चौरसिया जैसे आरोपी के संपर्कों के परिसरों की तलाशी ली गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के आधार पर EOW ने 35 से अधिक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आज की कार्रवाई में 90 लाख रुपये नकद, सोना-चांदी और वाहनों के दस्तावेज जब्त किए गए। ED ने पहले ही 100 से अधिक संपत्तियां कुर्क कर ली हैं, जिनकी कीमत 49 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
जब्ती और जांच का दायरा
छापेमारी में EOW की 13 अलग-अलग टीमों ने कुल 10 स्थानों पर एक साथ दबिश दी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 50 लाख से अधिक नकदी, डिजिटल डिवाइस, बैंक दस्तावेज और कोयला परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए। आबकारी मामले में CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल तेज हो गई है। कोयला घोटाले में राजनीतिक संरक्षण का खुलासा होने की संभावना है। EOW के डीजीपी संजय पिल्ले ने कहा, “यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए है। जांच पूरी होने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।”
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