
हेडमास्टर की हाजिरी से शिक्षा विभाग परेशान, नशे में स्कूल आने और बिना पढ़ाए लौटने के आरोप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक की कार्यशैली ने शिक्षा विभाग को कटघरे में ला खड़ा किया है। बिल्हा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मटियारी में पदस्थ प्रधान पाठक प्रताप सत्यार्थी पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने, केवल हाजिरी भरने और बिना अध्यापन कार्य किए लौट जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान पाठक आए दिन नशे की हालत में स्कूल आते हैं, अटेंडेंस रजिस्टर में हस्ताक्षर कर स्कूल से गायब हो जाते हैं। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
हड़ताल के दिन भी दर्ज कराई हाजिरी
ग्रामीणों ने बताया कि 31 दिसंबर को अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की हड़ताल के चलते जिले में शिक्षक हड़ताल पर थे। इसके बावजूद प्रधान पाठक ने रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि वे स्कूल में मौजूद ही नहीं थे। उस दिन बच्चों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था।
1 जनवरी को स्कूल में ताला
1 जनवरी को जब पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण स्कूल पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। स्कूल खुलने का समय सुबह 10 बजे है, लेकिन प्रधान पाठक 11 बजे तक नहीं पहुंचे। बाद में उनके आने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हटाने की मांग तेज
सरपंच सतीश केसर ने बताया कि प्रधान पाठक के खिलाफ पहले से कई शिकायतें दर्ज हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से प्रधान पाठक को तत्काल हटाने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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जांच समिति गठित होगी: जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की जाएगी। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रधान पाठक के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांचाधीन है।
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