March 4, 2026
ED ने WinZO से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 192 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की

ED ने WinZO से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 192 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की

Jan 2, 2026

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म WinZO से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी ZO Games Pvt. Ltd. की लगभग 192 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है, जिसमें बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी की ताजा कार्रवाई
ईडी की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने 30 दिसंबर, 2025 को WinZO की अकाउंटिंग फर्म के परिसरों पर छापेमारी की। जांच के दौरान, एजेंसी ने ZO Games Pvt. Ltd. के पास रखी अपराध की आय (Proceeds of Crime) के रूप में करीब 192 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया। इससे पहले नवंबर 2025 में ईडी ने कंपनी के प्रमोटर्स पावन नंदा और सौम्या सिंह राठौर को गिरफ्तार किया था और करीब 505 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की थी। कुल मिलाकर, ईडी ने मामले में अपराध की आय को करीब 802 करोड़ रुपये आंका है।

बॉट्स और एआई से खिलाड़ियों को ठगने के आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि WinZO ऐप पर यूजर्स को बॉट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर (जिन्हें PPP, EP और Persona नाम दिया गया) के खिलाफ खेलाया जाता था, बिना यह बताया कि वे इंसानों के बजाय मशीनों से खेल रहे हैं। कंपनी ने रेक कमीशन के रूप में अवैध कमाई की, जिसमें मई 2024 से अगस्त 2025 तक बॉट्स से करीब 177 करोड़ रुपये और अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 तक 557 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध के बावजूद कंपनी ने यूजर्स के 43 करोड़ रुपये वापस नहीं किए और निकासी पर रोक लगाई।

विदेशों में फंड ट्रांसफर की जांच
एजेंसी का आरोप है कि अपराध की आय का एक हिस्सा विदेशी निवेश के बहाने अमेरिका और सिंगापुर भेजा गया। करीब 54 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 485 करोड़ रुपये) WinZO US Inc. नाम की एक शेल कंपनी के अमेरिकी बैंक खाते में पार्क किए गए, जबकि सभी ऑपरेशंस भारत से ही संचालित होते थे।

कंपनी प्रमोटर्स और अन्य की भूमिका पर नजर
नवंबर में गिरफ्तार किए गए कंपनी के को-फाउंडर्स सौम्या सिंह राठौर को बेंगलुरु कोर्ट ने जमानत दे दी थी, जबकि पावन नंदा को राहत नहीं मिली। ईडी अब कंपनी के प्रमोटर्स, अकाउंटिंग फर्म और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और कार्रवाई और तेज हो सकती है।

 

👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix