
ईडी को बंद परिसर को सील करने का अधिकार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने स्वीकारा
चेन्नई, 18 जून 2025:
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मद्रास हाईकोर्ट में स्वीकार किया है कि अगर तलाशी के दौरान परिसर बंद हो, तो उसे उस परिसर को सील करने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह बयान एक याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिससे ईडी की कार्रवाई की संवैधानिक वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह मामला चेन्नई के व्यवसायी मोहम्मद इब्राहिम के निवास से जुड़ा है, जहाँ ईडी ने धनशोधन की जांच के सिलसिले में छापा मारा था। जब ईडी की टीम मौके पर पहुंची, तो परिसर बंद मिला और अधिकारियों ने उसे सील कर दिया था। इसके खिलाफ मोहम्मद इब्राहिम ने अदालत में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने इसे “अवैध” बताया।

हाईकोर्ट के समक्ष ईडी ने स्पष्ट किया कि उसके पास धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ऐसे बंद परिसरों को सील करने का अधिकार नहीं है। ईडी ने कहा कि अगर तलाशी के समय परिसर बंद हो, तो वे या तो उसमें प्रवेश करने के लिए उपयुक्त कानूनी प्रावधानों का सहारा ले सकते हैं या फिर नए सिरे से वारंट के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन सील करना अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
न्यायमूर्ति जी.जे. इलांथिरैयन की पीठ ने इस स्वीकारोक्ति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों और एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र के बीच की सीमाओं को स्पष्ट करता है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि भविष्य में एजेंसियां इस प्रकार की कार्यवाही से पूर्व विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करें।
यह मामला उन बढ़ती हुई चिंताओं की ओर इशारा करता है, जहाँ जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाइयों पर न्यायिक निगरानी आवश्यक हो गई है, ताकि किसी नागरिक के अधिकारों का हनन न हो।
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