
ED ने प्रयाग ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई, 110 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) मामले में कुल करीब 110 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई 38.71 लाख निवेशकों से अवैध जमा उठाने से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई है।
कहाँ की संपत्ति शामिल?
ED ने पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में स्थित करीब 450.42 एकड़ भूमि सहित अन्य अचल संपत्तियों को जब्त किया है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 104 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, बासुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची के नाम पर लगभग 6 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।

क्या है मामला?
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है जिसमें पाया गया है कि प्रयाग ग्रुप ने निवेशकों से बड़े पैमाने पर धन जमा करके उसे धोखे और अवैध योजनाओं के जरिए जुटाया – जिसमें कथित रूप से हाई रिटर्न योजनाएं और निवेश उत्पाद शामिल थे। इसके बाद यह पैसा विभिन्न संपत्तियों में निवेश कर धन शोधन का नुकसानारक रूप से प्रयोग किया गया।
निदेशकों पर आरोप
ईडी के अनुसार प्रयाग ग्रुप के निदेशक बासुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची ने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन का व्यक्तिगत लाभ उठाया, अपने नाम पर संपत्तियां खरीदीं, स्वयं को शेयर आवंटित किए और धन को विभिन्न संस्थाओं में भेजा। एजेंसी पहले ही विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है और संबंधित आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पृष्ठभूमि: बड़ा निवेश-धोखाधड़ी मामला
प्रयाग ग्रुप पहले भी सीबीआई और ईडी की जांच में रहा है, जहां उस पर कथित रूप से निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और चार्जशीटों के आधार पर यह कार्रवाई जारी है और जांच आगे बढ़ रही है।
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