
E Challan System बालोद में 1 अक्टूबर से शुरू: यातायात नियम तोड़े तो घर पर पहुंचेगा चालान
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लापरवाह वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। 1 अक्टूबर 2025 से ई-चालान सिस्टम शुरू हो जाएगा, जिसके तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान सीधे घर पहुंचेगा। झलमला से बालोद शहर तक कुल 30 CCTV कैमरों की स्थापना हो रही है, जिनसे न केवल अपराधियों पर नजर रखी जाएगी, बल्कि लापरवाह चालकों की भी स्क्रीनिंग होगी। पुलिस विभाग को इस हाईटेक सिस्टम के लिए 25 लाख रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। कैमरों की स्थापना का काम लगभग पूरा हो गया है, और इससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

ई-चालान की शुरुआत: कंट्रोल रूम से होगी 24×7 निगरानी
बालोद में ई-चालान सिस्टम की शुरुआत से वाहन चालकों को अब सड़क पर तत्काल चालान मिलने के बजाय घर पर नोटिस पहुंचेगा। कंट्रोल रूम से सभी CCTV कैमरों की निगरानी होगी, जहां से वाहनों की स्क्रीनिंग कर चालान जारी किया जाएगा। इससे शहर में प्रवेश करने वाले और बाहर निकलने वाले वाहनों का पूरा डेटा उपलब्ध होगा। एसडीओपी देवांश सिंह राठौर ने बताया, “1 अक्टूबर से बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, बिना नंबर प्लेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों की पहचान गाड़ी नंबर से हो जाएगी। चालान घर पर भेजा जाएगा।”
यह सिस्टम राज्य स्तर पर पहले से चल रहा ई-चालान पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) से जुड़ेगा, जहां चालान की स्थिति चेक और भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा। बालोद में स्थानीय स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो कैमरों से रीयल-टाइम फुटेज मॉनिटर करेगा।
CCTV कैमरों की लोकेशन: शहर की सीमाओं पर फोकस
शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए CCTV कैमरों को रणनीतिक जगहों पर लगाया जा रहा है:
प्रवेश द्वार: ग्राम झलमला, परसोदा मोड़ और घोठिया चौक पर।
मुख्य स्पॉट: रेलवे फाटक के पास और शहर के विभिन्न चौराहों पर।
अन्य जगहें: बालोद शहर के अंदरूनी इलाकों में अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे।वर्तमान में 16 पुराने कैमरे नेशनल हाइवे निर्माण के दौरान बंद हो गए थे, जो 6 साल से अधिक समय से निष्क्रिय थे। इनकी जांच कर सुधार के बाद दोबारा लगाया जाएगा। नए कैमरों से न केवल ट्रैफिक उल्लंघन, बल्कि अपराधों पर भी नजर रखी जाएगी।
ई-चालान के फायदे: पारदर्शिता और सुविधा
ई-चालान सिस्टम पारंपरिक चालान से बेहतर साबित होगा। इसके प्रमुख लाभ:
सुविधाजनक भुगतान: घर बैठे ऑनलाइन पेमेंट (नेट बैंकिंग, UPI या कार्ड से)। पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं।
पारदर्शिता: सभी चालान विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध। डिजिटल रिकॉर्ड से धोखाधड़ी या डुप्लिकेट चालान की संभावना शून्य।
समय की बचत: मानवीय त्रुटियां कम, रिकॉर्ड कीपिंग बेहतर। लंबित चालान होने पर वाहन पंजीकरण या RC ट्रांसफर रुक सकता है।
जागरूकता: चालान प्राप्त होते ही भुगतान प्रेरित होगा, जिससे नियमों का पालन बढ़ेगा।यातायात प्रभारी रविशंकर पांडेय ने कहा, “इस सिस्टम से दुर्घटनाएं कम होंगी। एसपी के निर्देश पर जुलाई तक 14,610 वाहनों पर 62.04 लाख रुपये का चालान किया गया।”

हाल की कार्रवाइयां: बिना हेलमेट और नशे में वाहन चलाने पर फोकस
बालोद पुलिस ने हाल के महीनों में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया है:
कुल चालानी कार्रवाई: जुलाई तक 14,610 वाहनों पर 62 लाख 4 हजार 600 रुपये का चालान। अगस्त-सितंबर के आंकड़े जुड़ने बाकी।
बिना हेलमेट: 1,370 चालकों पर 6 लाख 85 हजार 900 रुपये का चालान। पेट्रोल पंपों पर हेलमेट अनिवार्य, अन्यथा ईंधन नहीं।
नशे में वाहन चलाना: 144 चालकों पर 4 लाख 35 हजार 700 रुपये का चालान।
लाइसेंस निलंबन: 63 चालकों का लाइसेंस मोटर व्हीकल एक्ट उल्लंघन पर निलंबित।
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