
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला: आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास
रायगढ़ फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया सजा का फैसला, पीड़िता को मिला न्याय
रायगढ़। न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट रायगढ़ के न्यायाधीश श्री देवेंद्र साहू ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए न्याय की बड़ी जीत साबित हुआ है, बल्कि समाज के लिए भी एक सशक्त संदेश है कि ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रभावी पैरवी और सटीक विवेचना से मिली सफलता
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री मनमोहन सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की। वहीं, थाना जूटमिल के उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने मामले की विवेचना अत्यंत तत्परता और विधिसम्मत ढंग से की।
गिरधारी साव द्वारा किए गए ठोस साक्ष्य संकलन और सटीक जांच के चलते अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोपी को दोषी सिद्ध करने में सफल रहा।
घटना का विवरण
घटना 10 जुलाई 2024 की रात की है। पीड़िता की बड़ी बहन ने अगले दिन, 11 जुलाई 2024 को थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी (क्रमांक 324/2024, धारा 64 बीएनएस एवं 4 पॉक्सो एक्ट)।
रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी आकाश यादव (उम्र 21 वर्ष) पिता भुजबल यादव, निवासी निगम कॉलोनी बजरंगपारा, जूटमिल, ने उसके साथ रह रही नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म किया।
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