
दुर्ग: यातायात पुलिस ने आयोजित किया “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर” प्रशिक्षण कार्यक्रम
दुर्ग, 30 जून 2025। यातायात पुलिस दुर्ग ने ऑपरेशन सुरक्षा अभियान के तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर” कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम एसएनजी स्कूल, सेक्टर 04 परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें दुर्ग जिले के 120 शासकीय और निजी विद्यालयों के शारीरिक प्रशिक्षण शिक्षकों (पीटीआई) को यातायात नियमों का प्रशिक्षण दिया गया।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर प्रकाश
प्रशिक्षण के दौरान जन आक्रोश सामाजिक संस्था के सहयोग से यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और आंकड़ों पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित पीटीआई को एक वीडियो क्लिप के माध्यम से दिखाया गया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही कैसे गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल 1.65 लाख से अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में यह संख्या 6,000 से अधिक है। प्रतिदिन 462 लोग, प्रति घंटे 19 लोग और हर 3 मिनट में 1 व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहा है। इनमें सबसे अधिक बाइक सवार प्रभावित होते हैं, खासकर वे जो हेलमेट का उपयोग नहीं करते। 18-35 आयु वर्ग के युवा (66.5%) सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

यातायात के चार प्रमुख घटक
प्रशिक्षण में यातायात के चार प्रमुख घटकों (4E) – इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इनफोर्समेंट और इमरजेंसी – की विस्तृत जानकारी दी गई।
- इंजीनियरिंग: सड़क निर्माण से संबंधित एजेंसियों जैसे एनएच, पीडब्ल्यूडी, और नगर निगम की भूमिका।
- एजुकेशन: सड़क संकेत बोर्ड, ट्रैफिक लाइट, रोड मार्किंग और वाहन चलाने के नियमों की जानकारी।
- इनफोर्समेंट: यातायात नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की कार्रवाई।
- इमरजेंसी: सड़क दुर्घटना के समय तत्काल चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं।
गोल्डन आवर में त्वरित सहायता की अपील
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत मदद पहुंचाने से उसका जीवन बचाया जा सकता है। गोल्डन आवर के दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा पुरस्कार दिया जाता है, और पुलिस या अस्पताल द्वारा उसे परेशान नहीं किया जाता। केवल सामान्य जानकारी ली जाती है।

छात्रों तक पहुंचेगा यातायात जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री ऋचा मिश्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पीटीआई के माध्यम से जिले के 120 स्कूलों के छात्र-छात्राओं तक यातायात नियमों की जानकारी पहुंचाना है। इससे भविष्य में जब ये छात्र वयस्क होकर वाहन चलाएंगे, तो वे नियमों का पालन करेंगे और अपने परिजनों व मित्रों को भी जागरूक करेंगे।
उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में यातायात पुलिस से सुश्री ऋचा मिश्रा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात), निरीक्षक पी.डी. चंद्रा, सउनि राजमणी सिंह, शिक्षा विभाग से श्री अमित घोष, श्री संजय वर्मा (उप संचालक, जिला शिक्षा कार्यालय), तनवीर अकील (सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी), श्री अशोक कुमार (विकास खंड दुर्ग क्रीड़ा प्रभारी), श्री कौशलेन्द्र पटेल (धमधा विकास खंड क्रीड़ा प्रभारी), जन आक्रोश संस्था, नागपुर से श्री प्रकाश खाडेकर (अध्यक्ष), श्री रमेश सहारे, श्री दत्ताश्रेय कुलकर्णी, और दुर्ग से श्री अतुल नागले, श्री राजेन्द्र जोशी, श्री दिलीप देवलवार, श्री डी.के. साहू, श्री विजय देश पाण्डेय, श्री कृष्णा देवकाटे, श्री राजेश धाकड़, डॉ. अनुज नारद, तथा एसएनजी स्कूल की प्राचार्या श्रीमती ई. भारती उपस्थित रहीं।
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