
Durg RTO में भ्रष्टाचार का आरोप: एजेंटों और अधिकारियों के बीच साठगांठ?
दुर्ग, 16 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां जमकर हंगामा मचाया, जिससे आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने एजेंटों और आरटीओ अधिकारियों के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बिना टेस्ट के जारी किए जाने का भी खुलासा किया गया है। इस घटना ने स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

युवा कांग्रेस का हंगामा: आवेदकों को हुई देरी
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दुर्ग आरटीओ कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। वे नारे लगाते हुए अंदर घुसने की कोशिश करते रहे, जिससे कार्यालय में कामकाज ठप हो गया। इस हंगामे के कारण ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए आए सैकड़ों आवेदक घंटों इंतजार करने को मजबूर हो गए। एक कार्यकर्ता ने कहा, “हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते थे। फिर भी, सच्चाई सामने लानी जरूरी है।” पुलिस ने कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से एक वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह अधिकारी एजेंटों के साथ मिलकर अवैध वसूली कर रहा है। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने कहा, “इस अधिकारी ने लाखों रुपये का घोटाला किया है। हम एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।” कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन भी कलेक्टर कार्यालय को सौंपा, जिसमें तत्काल एफआईआर और निलंबन की मांग की गई है।
क्या बिना टेस्ट के जारी हो रहे डीएल?
सबसे गंभीर आरोप ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा है। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि आरटीओ में एजेंटों की साठगांठ से कई लाइसेंस बिना ड्राइविंग टेस्ट के जारी हो रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने बताया, “हमारे पास सबूत हैं कि पैसे देकर लोग लाइसेंस ले जा रहे हैं। इससे सड़क सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।” इसकी वजह से सैकड़ों योग्य आवेदक टेस्ट न पास कर पाने के कारण वंचित हो रहे हैं। अधिकारियों पर अनियमितताओं को छिपाने का भी आरोप है।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आरोप क्या थे?
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कई स्पष्ट आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एजेंट अधिकारी को कमीशन देकर फर्जी दस्तावेज स्वीकृत करवा रहे हैं। वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट और लर्निंग लाइसेंस में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। एक प्रमुख कार्यकर्ता ने आरोप लगाया, “एजेंट 5,000 से 20,000 रुपये तक वसूल रहे हैं, और अधिकारी इसमें साझेदार हैं।” इसके अलावा, आरटीओ में सीटों की कमी और जानबूझकर देरी का भी जिक्र किया गया। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनके पास वीडियो और दस्तावेजी सबूत हैं, जो वे जांच एजेंसी को सौंपेंगे।
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