
Durg: RTE पोर्टल हैकिंग विवाद, DEO के खिलाफ FIR की मांग
दिनांक: 13 जुलाई 2025
दुर्ग में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे 74 बच्चों के प्रवेश निरस्त होने का मामला तूल पकड़ रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और प्रभावित पालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पर पोर्टल हैकिंग की जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। पालकों ने ASP को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है, जिसमें DEO की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए गए हैं।
RTE प्रवेश रद्द होने से विवाद
RTE के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे 74 बच्चों के प्रवेश को DEO अरविंद मिश्रा ने रद्द कर दिया था। AAP नेताओं का दावा है कि यह कार्रवाई 17 पालकों पर पोर्टल हैकिंग और गलत दस्तावेज जमा करने के आरोप के आधार पर की गई। ये बच्चे पिछले दो साल से RTE के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे थे। पालकों का कहना है कि DEO ने हैकिंग के आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिए और न ही पुलिस में FIR दर्ज कराई।
पोर्टल हैकिंग का आरोप, साक्ष्य की मांग
AAP नेता मेहरबान सिंह ने बताया कि 27 अगस्त 2024 को भगवंत राव नामक व्यक्ति ने RTE पोर्टल हैकिंग की शिकायत DEO से की थी। इसके आधार पर DEO ने 17 पालकों के बच्चों का प्रवेश रद्द कर दिया। पालकों ने सवाल उठाया कि अगर पोर्टल हैक हुआ, तो DEO ने इसकी जांच के लिए पुलिस की मदद क्यों नहीं ली? साथ ही, हैकिंग की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य क्यों नहीं दिखाया गया? पालकों ने यह भी पूछा कि क्या सभी च्वाइस सेंटर्स, जहां से फॉर्म जमा किए गए, हैक हुए थे?

DEO के खिलाफ FIR की मांग
पालकों और AAP नेताओं ने ASP को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि RTE पोर्टल हैकिंग जैसा गंभीर अपराध होने के बावजूद DEO ने इसकी जानकारी छुपाई और कोई FIR दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि यह लापरवाही और दोषियों को बचाने का प्रयास है, जिसके लिए DEO के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में जसप्रीत सिंह, रवि राय, सोनू यादव, मनीष मिश्रा, यासमीन, सचिन बंजार, और अन्य शामिल थे।
युक्तियुक्तकरण पर भी सवाल
AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने बताया कि RTE विवाद के साथ-साथ युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ भी पार्टी ने DEO और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की BJP सरकार ने युक्तियुक्तकरण के नाम पर हजारों स्कूल बंद कर दिए, जिससे कई स्कूल शिक्षक-विहीन हो गए। इससे छात्रों, खासकर बालिकाओं को 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिसका उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। AAP ने 63 हजार शिक्षक पदों को भरने में सरकार की नाकामी पर भी सवाल उठाए।
जनता का गुस्सा, सरकार पर दबाव
पालकों का कहना है कि RTE पोर्टल हैकिंग की जानकारी छुपाना और बिना साक्ष्य के प्रवेश रद्द करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर व्यापक आक्रोश पैदा किया है, और AAP ने इसे छत्तीसगढ़ सरकार की शिक्षा नीति की विफलता से जोड़ा है। पालकों और AAP नेताओं ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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