दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में हंगामा, बजरंग दल ने पकड़ीं दो मिशनरी सिस्टर्स
दुर्ग, 26 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह मानव तस्करी और धर्मांतरण के गंभीर आरोपों को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। दो मिशनरी सिस्टर्स और एक युवक पर तीन आदिवासी युवतियों को आगरा में नौकरी दिलाने के बहाने बेचने ले जाने का आरोप है। मामला भिलाई थाना-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी का है।
रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधि, रोती हुई दिखी युवती
शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर तीन युवतियों के साथ दो मिशनरी सिस्टर्स और एक युवक को देखा। इनमें से एक युवती को रोते हुए देखा गया, जबकि युवक उससे कह रहा था, “तुम इतनी दूर आ गई हो, अब तुम्हें जाना होगा।” कार्यकर्ताओं को इस बातचीत पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तीनों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पता चला कि ये लोग नारायणपुर की तीन आदिवासी युवतियों—कमलेश्वरी, ललिता और सुखमति—को आगरा ले जा रहे थे।

मिशनरी सिस्टर्स और युवक पर मानव तस्करी का आरोप
बजरंग दल की प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा ने आरोप लगाया कि मिशनरी सिस्टर्स और युवक इन युवतियों को नौकरी का झांसा देकर आगरा ले जा रहे थे, जहां उनका धर्मांतरण और मानव तस्करी की आशंका थी। पकड़े गए युवक सुखमन मंडावी और मिशनरी सिस्टर प्रीति के साथ एक अन्य नन भी थी, जिसका नाम अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। उनके पास से एक डायरी बरामद हुई, जिसमें कई राज्यों के नाम, पादरियों के नंबर और 7-8 नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा, युवक के पास तीन आधार कार्ड भी पाए गए, जिससे तस्करी की आशंका और गहरी हो गई।
बजरंग दल का आक्रोश, जीआरपी ने लिया हिरासत में
शक होने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी शुरू कर दिया और मामले की सूचना दुर्ग संयोजक रवि निगम और प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा को दी। ज्योति शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मिशनरी सिस्टर्स और युवक पर मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाया। इसके बाद जीआरपी ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीनों युवतियों को भिलाई के सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया है, जबकि आरोपियों से पूछताछ जारी है।

परिजनों का बयान: “युवतियों को कहीं नहीं भेजना चाहते”
युवतियों में से एक, कमलेश्वरी प्रधान के जीजा अवस लाल धनेलिया ने बताया कि उन्होंने पहले ही परिवार को किसी पर भरोसा करके युवतियों को नहीं भेजने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। उन्होंने कहा, “हमें कुकराझर थाने से फोन आया था। हमने लड़कियों को वापस लाने की बात कही। हम उन्हें कहीं नहीं भेजना चाहते।” वहीं, नारायणपुर के ओरछा थाना प्रभारी रॉबिनशन ने बताया कि परिजनों ने कोई गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन अब वे इस मामले में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं।
डायरी और तस्वीरों ने बढ़ाई आशंका
पकड़े गए आरोपियों के पास से मिली डायरी में कई संदिग्ध जानकारियां सामने आई हैं। डायरी में विभिन्न राज्यों के नाम, पादरियों के संपर्क नंबर और कई नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिली हैं। बजरंग दल ने आशंका जताई है कि इन तस्वीरों वाली लड़कियों को भी तस्करी के लिए ले जाया जा सकता था। जीआरपी इस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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