
Durg Police का ‘ऑपरेशन सुरक्षा’: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर गाज,139 वाहनों के कटे चालान
दुर्ग | अगर आप दुर्ग की सड़कों पर बिना हेलमेट, नशे में धुत या बाइक पर तीन सवारी घूम रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ यमराज का संदेशवाहक बनकर नहीं, बल्कि आपकी जान बचाने के लिए ढाल बनकर सड़कों पर उतर आया है। नेशनल रोड सेफ्टी मंथ के तहत ट्रैफिक पुलिस ने जिले के हर उस मोड़ पर नाकेबंदी कर दी है, जहाँ दुर्घटना का डर सबसे ज्यादा रहता है।
टाइम फिक्स
पुलिस ने इस बार ‘सरप्राइज एलिमेंट’ का इस्तेमाल किया है। शहर से लेकर गांव की सरहदों तक दो शिफ्टों में ऐसी चेकिंग चल रही है कि नियम तोड़ने वालों के पास यू-टर्न लेने का भी मौका नहीं है:
- मॉर्निंग शिफ्ट: सुबह 06:00 से 10:00 (जब दफ्तर और बाजार की भीड़ बढ़ती है)
- ईवनिंग शिफ्ट: दोपहर 03:00 से शाम 06:00 (जब लापरवाही का ग्राफ चढ़ता है)
ग्रामीण रूट पर ‘स्पेशल स्ट्राइक’
केवल शहर ही नहीं, दुर्ग पुलिस ने उन ग्रामीण रास्तों को भी घेर लिया है जिन्हें ‘डेथ ट्रेप’ माना जाता है। सेलूद, जामगांव, कुम्हारी, चिखली चौक, अंडा चौक और रिसामा जैसे इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। यहाँ पुलिस का मकसद चालान काटना कम और लोगों के मन में सुरक्षित ड्राइविंग का अनुशासन पैदा करना ज्यादा है।

एक्शन रिपोर्ट: किसके हिस्से क्या आया?
पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में 139 लोग कानूनी शिकंजे में फंसे:
नशेड़ियों पर सीधा कोर्ट केस: शराब पीकर स्टेयरिंग थामने वाले 12 ड्राइवरों के खिलाफ फाइल सीधे जज साहब की मेज पर भेज दी गई है।
बिना हेलमेट वाले 25: इन्हें चालान थमाकर भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी गई।
स्टंटबाज और लापरवाही: रैश ड्राइविंग के 2 और तीन सवारी बैठाने वाले 15 बाइकर्स पर भी कार्रवाई हुई।
अन्य उल्लंघन: सीट बेल्ट न लगाना या गलत साइड से निकलने वाले 139 लोग भी रडार पर आए।
दुर्ग पुलिस का संदेश
ट्रैफिक विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल जुर्माने के लिए नहीं है। ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ का असली मकसद उन घरों के चिरागों को बचाना है जो तेज रफ्तार या छोटी सी लापरवाही के कारण बुझ जाते हैं।
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