
दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 12 घंटे में सुलझा अंधा कत्ल, दो चचेरे भाई गिरफ्तार
थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग (छ.ग.), दिनांक 23.06.2025
दुर्ग पुलिस ने अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस को महज 12 घंटे में सुलझा लिया। ग्राम खम्हरिया में दो कुओं से एक महिला और 8 साल के बच्चे के शव बरामद हुए थे। हत्या के इस मामले में दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने प्रेम-प्रसंग के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
कुओं से मिले थे शव, सनसनी फैली
22 जून 2025 को ग्राम खम्हरिया में राधेलाल गायकवाड़ की बाड़ी में एक कुएं से साड़ी में लिपटा एक गट्ठा मिला, जिसमें से बदबू आ रही थी। गट्ठा खोलने पर मिट्टी से भरी बोरी में 8-10 साल के अज्ञात बालक का शव बरामद हुआ। पास ही भगवान दास महिलांग की बाड़ी में एक अन्य कुएं से लाल साड़ी में लिपटा गट्ठा मिला, जिसमें पत्थर बंधा था। बोरी खोलने पर 30-35 साल की अज्ञात महिला का शव मिला, जिसके हाथ-पैर बंधे थे। थाना अमलेश्वर में मर्ग कायम कर अपराध क्रमांक 70/2025, धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत जांच शुरू की गई।
एसआईटी गठन, 12 घंटे में खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। ग्रामवासियों और आसपास के गांवों में जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक अज्ञात महिला को छत्रपाल सिंगौर के साथ देखा गया था। हिरासत में पूछताछ के दौरान छत्रपाल ने अपराध कबूल किया।

प्रेम-प्रसंग का खौफनाक अंत
छत्रपाल सिंगौर ने बताया कि मृतिका सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी (रायपुर निवासी) से उसका इंस्टाग्राम के जरिए 2 साल पहले परिचय हुआ था। सुनीता ने बताया था कि उनके पति का देहांत हो चुका है और वह अपने 8 साल के बेटे के साथ माता-पिता के पास रहती हैं। छत्रपाल ने शादी का वादा किया और सुनीता से शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन डेढ़ महीने पहले उसने दूसरी महिला से शादी कर ली। सुनीता बार-बार अपने बेटे के साथ छत्रपाल के घर रहने का दबाव बना रही थी।

हत्याकांड की साजिश
18 जून 2025 को छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम कुमार सिंगौर के साथ मिलकर सुनीता और उनके बेटे की हत्या की योजना बनाई। छत्रपाल सुनीता और उनके बेटे को रायपुर से इलेक्ट्रिक स्कूटी पर खम्हरिया लाया। वहां शुभम से मिलकर दोनों ने खेत में सुनीता और बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को साड़ियों में लपेटकर, बोरियों में डालकर पत्थर बांधे और अलग-अलग कुओं में फेंक दिया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुई पहचान
जांच में पता चला कि सुनीता और उनके बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सिविल लाइन, रायपुर में (गुमइंसान क्रमांक 51/2025) दर्ज थी। परिजनों ने शवों की पहचान सुनीता चतुर्वेदी और उनके बेटे के रूप में की।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने छत्रपाल सिंगौर (26 वर्ष) और शुभम कुमार सिंगौर (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों खम्हरिया के निवासी हैं। थाना अमलेश्वर में अग्रिम कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम की सराहना
इस जटिल मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, एसीसीयू से निरीक्षक प्रमोद कुमार रूसिया, सउनि नरेंद्र सिंह राजपूत, प्रआर मेघराज चेलक, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, अश्वनी यदु, वीरनारायण, विवेक यादव, अजय ढीमर, थाना अमलेश्वर से उप निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, सउनि मानसिंह सोनवानी, प्रआर मनीष तिवारी, आरक्षक राकेश राजपूत, अजय सिंह, अमित यादव और चितरंजन प्रसाद देवांगन का विशेष योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपी:
- छत्रपाल सिंगौर, पिता अजेंद्र सिंगौर, उम्र 26 वर्ष
- शुभम कुमार सिंगौर, पिता वीरेंद्र सिंगौर, उम्र 22 वर्ष
दुर्ग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा बढ़ा है।
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