
Durg में महिला रेलवे कर्मचारी से बहुस्तरीय ठगी का खुलासा
दो दशक तक लोन और बैंक दस्तावेजों का दुरुपयोग, आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। Durg जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में महिला रेलवे कर्मचारी से लाखों रुपये की बहुस्तरीय ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि कथित ठगी का सिलसिला लगभग 20 वर्षों से जारी था, जिसकी जानकारी महिला को हाल ही में तीसरे लोन के बाद हुई।
2006 में शुरू हुआ धोखाधड़ी का सिलसिला
पुलिस के अनुसार, प्रार्थिया अख्तरी बेगम (57 वर्ष), निवासी चरोदा, पुरानी भिलाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वह रेलवे कर्मचारी हैं और अकेली रहती हैं।
महिला ने बताया कि वर्ष 2006 में मकान निर्माण के लिए उनके पति ने लोन प्रक्रिया में सहायता हेतु एल. महेश्वर राय नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। इसी दौरान आरोपी से पारिवारिक पहचान बनी।
आरोप है कि बैंक दस्तावेज अपडेट और केवाईसी के नाम पर महिला के बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात अपने पास रख लिए गए। इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर वर्ष 2006 में महिला के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया। इसकी मासिक किश्त 20,220 रुपये पीड़िता के वेतन से कटती रही।

बाद में भी निकाले गए दो और लोन
पहला लोन समाप्त होने के बाद भी धोखाधड़ी नहीं रुकी। वर्ष 2021 में State Bank of India की पदुमनगर चरोदा शाखा से महिला के नाम पर 5.80 लाख रुपये का नया लोन लिया गया, जिसकी 5,400 रुपये मासिक किश्त खाते से कटती रही।
इसके बाद फरवरी 2025 में रेलवे अर्बन बैंक से भी 5.80 लाख रुपये का एक और लोन निकाला गया। इसकी 22,450 रुपये प्रतिमाह की किश्त भी पीड़िता के खाते से कटने लगी।
दस्तावेज और एटीएम का दुरुपयोग
प्रार्थिया के अनुसार, एल. महेश्वर राय की मृत्यु के बाद आरोपी के. सांईवारा (37 वर्ष) ने महिला के बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और मोबाइल सिम अपने पास रख लिया।
वर्ष 2021 से 2025 के बीच आरोपी ने एटीएम और चेक के माध्यम से लगभग 5 लाख रुपये का गबन किया। आरोप है कि इसमें से 80 हजार रुपये आरोपी ने अपनी मां के खाते में ट्रांसफर किए, जबकि शेष राशि अन्य परिचितों के खातों में भेजी गई।
सेवानिवृत्ति से पहले हुआ खुलासा
तीसरे लोन की जानकारी मिलने पर महिला ने आरोपी से पूछताछ की, लेकिन आरोपी ने पैसा डूबने और रिटायरमेंट फंड हड़पने का भय दिखाकर उन्हें चुप रहने को कहा।
हाल ही में सेवानिवृत्ति नजदीक आने पर पीड़िता ने अपनी बहन और जीजा को पूरी घटना बताई। बैंक विवरण निकलवाने पर सभी लोन और लेनदेन का खुलासा हुआ, जिसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के. सांईवारा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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