
Durg में भ्रष्टाचार पर पुलिस की सख्त कार्रवाई: आरक्षक अर्जुन दुबे सेवा से बर्खास्त
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक अर्जुन दुबे को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में भ्रष्टाचार के आरोपों के सही पाए जाने के बाद की गई है। इस घटना ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, आरक्षक क्रमांक 597 अर्जुन दुबे की भर्ती वर्ष 2011 में हुई थी। अपनी सेवा के दौरान वह यातायात विभाग में तैनात था। इस दौरान उन पर ओवरलोड माल वाहक वाहनों से नियमित रूप से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा। सूत्रों की मानें तो अर्जुन दुबे ने वाहन चालकों से ओवरलोडिंग के नाम पर न केवल नकद, बल्कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए भी पैसे वसूले।
विभागीय जांच में पुष्ट हुए आरोप
वाहन चालकों और अन्य स्रोतों से मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस विभाग ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान अर्जुन दुबे के खिलाफ पेश किए गए सबूतों, लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की गई। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि अर्जुन दुबे ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनैतिक तरीके से धन की वसूली की। इसके आधार पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
पुलिस विभाग में सुधार की मांग
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएं। विभाग ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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