
Durg जिले में किसान महापंचायत, सिंचाई सुविधाओं की मांग पर हुआ जोरदार प्रदर्शन
दुर्ग, छत्तीसगढ़। जिले के किसानों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर आज जिला मुख्यालय पर एक सशक्त और संगठित महापंचायत का आयोजन किया। गर्मी और उमस के बावजूद सैकड़ों किसान सुबह से ही तहसील कार्यालय के सामने जमावड़ा बनाकर सिंचाई, खाद-बीज, नहरों की सफाई और ट्यूबवेल जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग पर मुखर हुए। इस दौरान किसानों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की।

महापंचायत में उठीं प्रमुख मांगे
किसानों ने बताया कि जिले के कई हिस्सों में सिंचाई की सुविधा बेहद कमजोर है। नहरों की सफाई कई वर्षों से नहीं हुई, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पुराने ट्यूबवेल जर्जर हालत में हैं और नई ट्यूबवेल की स्वीकृति लगातार लंबित पड़ी है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल पाता, जिससे बोआई व फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कुछ किसानों ने बताया कि जलस्तर नीचे जाने से कुओं-पंप से सिंचाई संभव नहीं रही और मानसून की अनिश्चितता से जोखिम और बढ़ गया है।
किसानों की समस्याएँ: प्रशासन का संज्ञान
महापंचायत में किसानों की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया जिसमें सिंचाई योजनाओं के विस्तार, तत्काल ट्यूबवेल स्वीकृति, उर्वरक वितरण और नहर सफाई के लिए विशेष बजट आवंटन की मांग रखी गई। प्रशासन की ओर से एसडीएम और कृषि अधिकारी मौके पर पहुँचे और किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही नहर की सफाई शुरू कर दी जाएगी। खाद-बीज वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाएगा।

किसानों का स्वर और भावनाएं
किसान नेता रामकुमार साहू ने कहा, “हमारे खेत सूखे पड़े हैं, समय पर पानी और खाद नहीं मिलेगा तो फसल बर्बाद हो जाएगी। लगातार घाटा झेल रहे किसान हताश हो गए हैं। अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हम आंदोलन को और व्यापक करेंगे।”
महापंचायत में महिलाओं की भागीदारी
महिला किसानों की भी भागीदारी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि खेती से परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी होती हैं, लेकिन संसाधन न मिलने से महिला किसान भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कुछ महिला किसानों ने अनुदान व ऋण प्रक्रिया में सरलता की माँग की।

प्रशासन की घोषणा और आगे की तैयारी
एसडीएम ने कहा कि नहरों की सफाई के लिए तुरंत विभाग को निर्देशित किया गया है। अगले महीने तक जिले में 45 नई ट्यूबवेल स्वीकृत हो जाएंगी। खाद-बीज वितरण के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे और आवश्यकता अनुसार बोनस या सब्सिडी का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
कृषि विभाग का सहयोग
कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को सिंचाई पंप, फसल बीमा व तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। किसानों को कृषि सलाहकारों द्वारा फसल परिवर्तन, जल प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
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