
दुर्ग जिले में जलाशयों में तेजी से जलभराव, तांदुला 38% और खरखरा 27% भरा, भारी बारिश का अलर्ट
दुर्ग, 26 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानसून की अच्छी बारिश के कारण जलाशयों में तेजी से जलभराव हो रहा है। जिले को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने वाले तांदुला और खरखरा जलाशयों में क्रमशः 38% और 27% जलभराव हो चुका है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जलाशयों में बढ़ रहा पानी का स्तर
दुर्ग जिले के प्रमुख जलाशयों, खपरी और गोंदली में भी इस बार अच्छा जलभराव देखा जा रहा है। बारिश से पहले लगभग सूख चुके ये जलाशय अब एक तिहाई से अधिक भर चुके हैं। नदियों और नालों से पर्याप्त पानी की आवक के कारण खरखरा जलाशय में 27% और तांदुला जलाशय में 38% जलभराव दर्ज किया गया है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में गंगरेल बैराज से 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसे शुक्रवार को घटाकर 4,000 क्यूसेक कर दिया गया। इससे जलाशयों में पानी का स्तर और स्थिर हो रहा है।
भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने दुर्ग जिले के लिए अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और शाम 5:30 बजे से 2.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रात 7 बजे से हल्की बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही। इस बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई और औसत तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण 27 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है।

पिछले साल लबालब हुए थे जलाशय
पिछले साल मानसून के दौरान दुर्ग जिले के जलाशयों में पानी की स्थिति काफी बेहतर थी। तांदुला और खरखरा जलाशय लगभग 70% तक भर गए थे। इस बार भी बारिश का दौर जारी रहने से जलाशयों के पूरी तरह भरने की उम्मीद है। हालांकि, जिले में कुछ नदियों और नालों में पानी का बहाव अभी भी तेज है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
जिला बना रहा सबसे गर्म
भारी बारिश के बावजूद दुर्ग जिला तापमान के मामले में राज्य में सबसे गर्म बना हुआ है। बारिश ने भले ही तापमान में कमी लाई हो, लेकिन गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है, जिससे जलाशयों में पानी का स्तर और बढ़ेगा।
प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत
जलाशयों में तेजी से हो रहे जलभराव और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले साल जलाशयों के लबालब होने से कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। इस बार भी नदियों और नालों में तेज बहाव को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही, जलाशयों के गेट खोलने और पानी छोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।
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