
Durg ब्रेकिंग: नशे में धुत युवक की नदी में छलांग, SDRF ने 10 मिनट में रचा चमत्कार!
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दुर्गा विसर्जन उत्सव की रौनक के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। रात के गहन सन्नाटे में, जब पूरा शहर उत्सव की थकान मिटा रहा था, तभी शिवनाथ नदी के पुल पर एक युवक ने शराब के नशे में धुत होकर जानलेवा छलांग लगा दी। लेकिन साहस और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने मात्र 10 मिनट में चमत्कारिक बचाव कर युवक की जान बचा ली। यह घटना न केवल आपदा प्रबंधन की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि नशे के खतरों पर भी गंभीर चेतावनी देती है।

घटना की पूरी कहानी: कैसे बदला नाटकीय मोड़?
घटना रविवार रात लगभग 1:30 बजे की है, जब दुर्ग जिले के थाना पुलगांव क्षेत्र में शिवनाथ नदी के उस पुल पर सन्नाटा छाया हुआ था, जहां दिनभर विसर्जन जुलूस की हलचल रही। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दुर्गा पूजा के विसर्जन के बाद कई युवा समूह नदी किनारे जश्न मना रहे थे। इसी बीच, 27 वर्षीय खुशवंत सिंह नामक युवक, जो जामुल क्षेत्र के कैलाश नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता है, शराब के गहन नशे में चूर हो गया। उसके पिता रविंद्र सिंह के अनुसार, खुशवंत उत्सव की खुशी में दोस्तों के साथ नदी किनारे पहुंचा था, लेकिन नशे ने उसकी समझदारी छीन ली।
अचानक, पुल के ऊपर से एक जोरदार ‘छपाक’ की आवाज गूंजी। आसपास के लोग घबरा गए, लेकिन रात्रि ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने फौरन हरकत में आते हुए घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। टीम को पता चला कि खुशवंत ने नदी की तेज धारा में छलांग लगा दी है और वह डूबने की कगार पर सांसें तोड़ रहा था। नदी का जलस्तर विसर्जन के कारण ऊंचा था, और अंधेरी रात में धारा की चपेट में फंस चुका युवक अपनी जान बचाने के लिए छटपटा रहा था। यह दृश्य देखकर किसी का भी कलेजा धक-धक उठ जाए।

एसडीआरएफ का हीरोइक रेस्क्यू: साहस की अनोखी मिसाल
एसडीआरएफ की यह टीम रात्रि ड्यूटी पर नदी तट की निगरानी कर रही थी, जो दुर्गा विसर्जन जैसे बड़े आयोजनों के दौरान हमेशा अलर्ट मोड में रहती है। टीम के बहादुर जवान विनय कुमार यादव (क्र.सं. 290) और गोपी पाटिल (क्र.सं. 63) ने बिना वक्त गंवाए अपना सामान इकट्ठा किया। सहयोग के लिए नगर सेना के जवान डिव्हार देशमुख भी तुरंत पहुंचे।
बचाव अभियान के चरण इस प्रकार थे:
- तत्काल जांच और योजना: आवाज सुनते ही टीम ने टॉर्चलाइट और वायरलेस सेट से संपर्क स्थापित किया। नदी में तैरते युवक को स्पॉट करते ही ‘लाइफ बाय’ तकनीक अपनाई गई, जिसमें एक जवान रोप के सहारे नदी में उतरा।
- जोखिम भरा गोता: तेज धारा के बीच मोटर बोट को लॉन्च किया गया। विनय कुमार ने बोट चलाते हुए गोपी पाटिल को रोप से बांधा, जो सीधे युवक की ओर तैरकर पहुंचे। नशे में बेहोश सा खुशवंत धारा में बह रहा था, लेकिन पाटिल ने उसे लाइफ जैकेट पहनाकर पकड़ लिया।
- सफल निकासी: मात्र 10 मिनट के भीतर युवक को नदी तट पर खींच लिया गया। इस दौरान टीम को नदी की ठंडी धारा और अंधेरे का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी ट्रेनिंग ने काम किया। बचाव के बाद खुशवंत को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसमें सांस लेने में सहायता और पानी से उबरने की दवाएं शामिल थीं।
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