
दोस्त के Account से Cyber ठगी की रकम का Transaction , पांच आरोपी गिरफ्तार
रायपुर, 6 सितंबर 2025 (सीजी न्यूज): छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अपने दोस्त के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करता था।

इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये की ठगी कर चुका था। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन और कई बैंक खातों की जानकारी बरामद की है।
दोस्त के अकाउंट का दुरुपयोग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी, रमेश साहू (काल्पनिक नाम), अपने एक करीबी दोस्त के बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करता था। दोस्त को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उसके खाते का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए हो रहा है। आरोपी ने फर्जी कॉल्स और फिशिंग लिंक के जरिए लोगों को ठगा और फिर पैसे को कई खातों में ट्रांसफर कर ट्रेल को तोड़ने की कोशिश की। साइबर सेल के एक अधिकारी ने बताया, “आरोपियों ने तकनीकी रूप से स्मार्ट तरीके से अपराध को अंजाम दिया, लेकिन हमारी साइबर यूनिट ने उनके नेटवर्क को ट्रैक कर लिया।”
साइबर ठगी का जाल
गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। ये लोग फर्जी कॉल सेंटर बनाकर लोगों को लोन, क्रेडिट कार्ड या निवेश के नाम पर झांसे में लेते थे। एक बार पीड़ित ऑनलाइन पेमेंट कर देता, तो रकम को तुरंत कई खातों में बांट दिया जाता था। पुलिस को शिकायत मिली थी कि रायपुर के एक व्यवसायी से 5 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई। इस मामले में पांचों आरोपियों की पहचान रमेश साहू, सोहन वर्मा, कविता ठाकुर, राहुल सिन्हा और अमित पटेल (काल्पनिक नाम) के रूप में हुई है।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
रायपुर साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को रायपुर और बिलासपुर से गिरफ्तार किया। उनके पास से 2 लाख रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और 10 से अधिक बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं। जांच में पता चला कि यह गिरोह पिछले एक साल से सक्रिय था और इसने पूरे छत्तीसगढ़ में कई लोगों को निशाना बनाया। एसपी रायपुर ने कहा, “हमने इस गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ लिया है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।”

साइबर ठगी से बचाव की सलाह
इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल्स, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अपने बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध लेनदेन की तुरंत शिकायत करें। रायपुर पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बनाई है ताकि लोग इस तरह की ठगी से बच सकें।
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