
Dhamtari : 15 साल पुरानी नंदी की मूर्ति हटाई गई, अतिक्रमण और नशेड़ियों के अड्डे से आहत धार्मिक भावनाएं
13 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में स्थित संकारा गांव में एक 15 साल पुरानी नंदी की मूर्ति को हटाने का मामला सामने आया है। यह मूर्ति गांव के बीचों-बीच ‘नंदी चौक’ पर स्थापित थी लेकिन बढ़ते अतिक्रमण गंदगी और नशेड़ियों के जमावड़े के कारण इसे विस्थापित करना पड़ा। मूर्ति को स्थापित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय महेश सिन्हा के पुत्र हरीश सिन्हा (जिन्हें कुछ रिपोर्टों में हितेश महेश सिन्हा भी कहा गया है) ने खुद जेसीबी और क्रेन की मदद से इसे हटाकर दूसरी जगह स्थापित किया। इस घटना ने गांव में प्रशासनिक लापरवाही और धार्मिक भावनाओं के अपमान पर बहस छेड़ दी है।

मूर्ति की स्थापना का इतिहास
करीब 15 साल पहले संकारा गांव में समाजसेवी महेश सिन्हा ने नंदी भगवान की मूर्ति स्थापित कराई थी। उस समय यह जगह अस्पताल के पास खाली मैदान थी और मूर्ति को गांव की आस्था और गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता था। जगह को ‘नंदी चौक’ नाम दिया गया जहां ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई थीं। संकारा गांव नगरी ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है और विकास कार्यों के लिए दो बार प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त कर चुका है। हालांकि समय के साथ यह जगह उपेक्षा का शिकार हो गई।
हटाने के पीछे के कारण: अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियां
हरीश सिन्हा ने बताया कि मूर्ति के आसपास अतिक्रमण इतना बढ़ गया था कि नंदी महाराज की प्रतिमा छिप सी गई थी। यह स्थान नशेड़ियों और शराबियों का अड्डा बन चुका था, जहां लोग शराब की बोतलें डिस्पोजल और अन्य कचरा फेंकते थे। इससे न केवल गंदगी फैल रही थी बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही थीं। हरीश ने सरपंच ग्राम समिति और प्रशासन से कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा “यह हमारे भगवान का अपमान था और प्रशासन की अनदेखी के कारण हमें खुद कदम उठाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अतिक्रमण को नजरअंदाज किया या छिपाया जिससे स्थिति बिगड़ती गई। कुछ लोगों का मानना है कि राजस्व भूमि की अवैध बिक्री और आर्थिक स्वार्थ इसमें बाधा बन रहे हैं।
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